Akola PRC Questions Officials Over Irregularities: महाराष्ट्र विधानमंडल की पंचायती राज समिति (पीआरसी) का तीन दिवसीय दौरा अकोला जिले में 2 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 4 सितंबर तक चलेगा।
समिति ने जिला परिषद के कई विभागों की समीक्षा की और अधिकारियों से कठोर सवाल पूछे। पहले ही दिन समिति ने पशुसंवर्धन विभाग में 8 करोड़ अग्रिम राशि का हिसाब मांगा, लेकिन अधिकारी जवाब देने में असमर्थ रहे।
पटवारियों से ली गई अनामत राशि के वितरण में हुई देरी को लेकर समिति ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। समिति ने इस मामले में प्रक्रिया में तेजी लाने और पात्र लोगों को समय पर राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, आंगनवाड़ी केंद्रों की मरम्मत के लिए बिना उचित मूल्यांकन किए लाखों रुपये की निविदा जारी किए जाने पर भी सवाल उठाए गए।
बैठक में जलापूर्ति योजना के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी सामने आया। इसके अलावा जिला परिषद की खस्ता हालत वाली इमारतों को किराये पर देने के बावजूद उचित किराया वसूल नहीं किए जाने पर समिति ने नाराजगी जताई। अधिकारियों से सभी मामलों में रिकॉर्ड की जांच कर जिम्मेदारी तय करने और सुधारात्मक कदम उठाने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान सामने आए मामलों के बाद समिति ने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से जमीन पर उतारा जाना जरूरी है। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित मानकों के अनुसार ही काम पूरा कराया जाए।
योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता को गंभीरता से लेने की बात कही गई। समिति ने कहा कि सरकारी धन का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी स्तरों पर पारदर्शिता बनाए रखने, रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए गए।
इस दौरे में समिति अध्यक्ष विधायक संतोष दानवे के नेतृत्व में विधायक प्रताप अडसड, विधायक दीपक केसरकर, विक्रम काले, विधायक नितिन देशमुख, किरण लहामटे, विजयसिंह पंडित, संजय मेश्राम, डॉ. बाबासाहब देशमुख, सदाभाऊ खोत, जयंत आसगांवकर सहित अन्य विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।