अकोला MIDC में खाली प्लाॅट प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
अकोला

अकोला MIDC में खाली पड़े प्लाॅटों पर लटकी तलवार, उद्योग शुरू नहीं हुए तो जमीन वापस लेगी सरकार

Akola MIDC Plot: अकोला MIDC में खाली पड़े भूखंडों पर उद्योग शुरू न होने से जब्ती का खतरा है। कोरोना और आर्थिक मंदी के कारण अटके प्रोजेक्ट्स के लिए उद्यमियों ने विस्तार शुल्क में छूट की मांग की है।

प्रमोद यादव

Akola Midc Plot Extension Charge Relief: अकोला जिला यह सही है कि औद्योगिक क्षेत्र में अभी भी कई प्लाट ऐसे हैं। जिनमें अभी तक उद्योग शुरू नहीं किए गए हैं। सरकार उद्योजकों को कुछ समय उद्योग शुरू करने के लिए देती है लेकिन दी गई अवधि के भीतर अगर उद्योजक उद्योग शुरू नहीं करते तो वह प्लाट सरकार वापस ले लेती है।

औद्योगिक क्षेत्र में नए उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए उपलब्ध संभावनाओं को देखते हुए क्षेत्र को बड़े उद्योगों के लिए विशेष प्रोत्साहन क्षेत्र के रूप में विकसित करने की मांग जोर पकड़ रही है। औद्योगिक क्षेत्र में वर्तमान में अनेक उद्योग सफलतापूर्वक कार्यरत हैं। नए उद्योगों की स्थापना के साथ मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए भी पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने की संभावना है।

कोरोना महामारी से पहले और उसके बाद अनेक उद्यमियों ने उद्योग विस्तार तथा नए प्रकल्प शुरू करने की योजना बनाई थी। हालांकि कोरोना महामारी, आर्थिक परिस्थितियों में बदलाव, बाजार की स्थिति, कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और वित्तीय अड़चनों सहित विभिन्न कारणों से कुछ प्रकल्प निर्धारित समय में पूरे नहीं हो सके।

बड़े निवेशकों के लिए सरकार की विशेष सुविधाएं

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार से संबंधित उपलब्ध जमीन का उपयोग बड़े उद्योगों के लिए करने की दिशा में प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।

बिजली, पानी और रेल परिवहन की उपलब्धता अकोला की प्रमुख औद्योगिक ताकत है। इस ताकत का लाभ औद्योगिक विकास के लिए किया जा सकता है।

बड़े उत्पादन उद्योगों के साथ लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि आधारित उद्योग और अन्य बड़े प्रकल्पों को आकर्षित करने के लिए सरकार स्तर पर विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।

जिले में रोजगार निर्माण को मिलेगा बढ़ावा

अकोला जिला में जमीन, बुनियादी सुविधाएं, बिजली-पानी की उपलब्धता, रेल संपर्क और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का प्रभावी उपयोग किया जाए तो बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार निर्माण संभव है।

विस्तार शुल्क में विशेष छूट की मांग एमआईडीसी के नियमों के अनुसार संबंधित भूखंड की वर्गवारी और अलॉटमेंट की शर्तों के तहत निर्धारित अवधि में प्रस्तावित निर्माण पूरा कर ऑक्यूपेंसी अथवा बिल्डिंग कम्प्लीशन सर्टिफिकेट प्राप्त करना तथा उत्पादन शुरू करना आवश्यक होता है। निर्धारित अवधि समाप्त होने पर उद्यमियों को एक्सटेंशन चार्ज देना पड़ता है। ऐसे में जो उद्योग वास्तव में निर्माण अथवा विस्तार की प्रक्रिया में है, एक्सटेंशन चार्ज में उचित छूट अथवा विशेष योजना देने की मांग की जा रही है।
नितिन बियाणी, सचिव, अकोला इंडस्ट्री

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