

Akola Zilla Parishad Krishi Diwas Function: पूर्व मुख्यमंत्री तथा हरित क्रांति के जनक कृषिरत्न दिवंगत वसंतराव नाईक की जयंती के अवसर पर अकोला जिला परिषद अकोला में कृषि विभाग की ओर से 'कृषि दिवस' उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर जिले के 21 प्रगतिशील किसानों और फसल प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान किया गया। कृषि दिवस के इस आयोजन ने किसानों के परिश्रम का सम्मान करते हुए आधुनिक, शाश्वत और तकनीक आधारित खेती का संदेश पूरे जिले में पहुंचाया। यह कार्यक्रम किसानों के लिए प्रेरणा और प्रशासन की प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रशासक अनय नावंदर के हाथों मृदा पूजन से हुआ। भूमाता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए वसंतराव नाईक की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए। दीप प्रज्वलन के बाद कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन हुआ। अपने अध्यक्षीय भाषण में अनय नावंदर ने कहा कि खेती देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।
बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए किसानों को आधुनिक तकनीक, सेंद्रिय एवं प्राकृतिक खेती, मृदा परीक्षण, जलसंधारण, फसल विविधीकरण और मूल्यवर्धित खेती अपनानी चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि शासन की कृषि योजनाओं का लाभ हर पात्र किसान तक पहुंचाने के लिए प्रशासन कटिबद्ध है।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिगंबर लोखंडे, वित्त अधिकारी माया शिर्के, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलीराम गाडवे, अधीक्षक कृषि अधिकारी डॉ. मुरली इंगले तथा पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रकाश घाटोल ने किसानों को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने आधुनिक खेती, जल प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य, सेंद्रिय खेती और सरकारी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी।
अकोला जिले के 21 प्रगतिशील किसानों और फसल प्रतियोगिता विजेताओं को मानपत्र, शाल, पुष्पगुच्छ और सम्मान चिह्न देकर गौरवान्वित किया गया। सम्मानित किसानों में सविता महल्ले, किशोर बंड, एड. सुभाष हेडा, शरद नहाटे, सागर भालतिलक, पंकज मानकर, मदन इंगले, रामेश्वर उंडाल, उषा देशमुख, अनिल राजूर, मंगेश डाबोरे, सुनील भारटे, विजय गुल्हाने, प्रल्हाद नेमाडे, अमोल नवकमंडे, संतोष अवताडे, जयेश बोहरा और फसल प्रतियोगिता विजेता शिवशंकर पिसे, हरिचंद्र वके, प्रकाश कोरडे तथा संतोष धुमाल शामिल थे।
प्रगतिशील किसान सविता महल्ले और प्रल्हाद नेमाडे ने अपने सफल खेती प्रयोगों के अनुभव साझा किए। उनके अनुभवों से उपस्थित किसानों को आधुनिक और शाश्वत खेती के लिए प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक कृषि विकास अधिकारी डॉ. तुषार जाधव ने किया। संचालन विस्तार अधिकारी रोहित भेवर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला कृषि अधिकारी मिलिंद जंजाल ने किया।