

Nagpur Flying Club Management Transfer MADC: नागपुर फ्लाइंग क्लब (एनएफसी) के बेहतर और व्यावसायिक प्रबंधन के लिए नागपुर मंडल की विभागीय आयुक्त एवं एनएफसी की अध्यक्ष विजयालक्ष्मी बिदरी द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को महाराष्ट्र सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी।
सामान्य प्रशासन विभाग (विमानन-1) द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब नागपुर फ्लाइंग क्लब का पूरा प्रबंधन, संपत्ति, देनदारियां, वर्तमान प्रशिक्षार्थी पायलट तथा अन्य स्टाफ 'जस है तस' स्थिति में महाराष्ट्र एयरपोर्ट डेवलपमेंट कंपनी (एमएडीसी) मुंबई को हस्तांतरित किया जाएगा।
विभागीय आयुक्त बिदरी द्वारा शासन को दिये गये प्रस्ताव में बताया गया कि वर्ष 1947 में स्थापित नागपुर फ्लाइंग क्लब राज्य सरकार का एक प्रमुख पायलट प्रशिक्षण संस्थान है। वर्ष 1990 में राज्य सरकार ने इसका पूर्ण नियंत्रण लिया था लेकिन 1994-95 में स्पेयर पार्ट्स की कमी और तकनीकी समस्याओं के कारण प्रशिक्षण बंद हो गया था।
हाई कोर्ट के आदेश पर 21 दिसंबर 2006 को इसे कंपनी अधिनियम 1956 के तहत पुनर्जीवित कर विभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में बोर्ड गठित किया गया। मार्च 2021 से यहां प्रशिक्षण पुनः शुरू हुआ और वर्तमान में 40 छात्र पायलट प्रशिक्षण ले रहे हैं।
क्लब के पास वर्तमान में 4 प्रशिक्षण विमान है जिनमें से 2 विमान लगभग 40 वर्ष पुराने हैं और उनका रखरखाव काफी खर्चीला व कठिन हो चुका है। इसके अलावा नागपुर एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक बढ़ने के कारण चंद्रपुर (मोरवा) में नया बेस तैयार किया गया है।
2 अलग-अलग बेस नागपुर व चंद्रपुर से संचालन तथा सरकारी अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त प्रभार के रूप में प्रबंधन संभालने के कारण डीजीसीए के सख्त नियमों का पालन, व्यावसायिक निर्णय और निरंतर तकनीकी निगरानी में प्रशासनिक कठिनाइयां आ रही हैं। हालांकि डीजीसीए द्वारा 30 सितंबर 2025 को जारी एफटीओ रैंकिंग (FTO Rank-ings) में नागपुर पलाइंग क्लब को बी-कैटेगरी में 10वां स्थान प्राप्त हुआ था।
विभागीय आयुक्त बिदरी ने 29 जून 2026 को हुई निदेशक मंडल की बैठक में पारित प्रस्ताव के आधार पर शासन को 2 जुलाई 2026 को पत्र भेजकर 2 विकल्प सुझाए थे। इनमें पहला, एमएडीसी जैसी सक्षम संस्था को प्रबंधन सौंपना या दूसरा, पीपीपी/संयुक्त उद्यम (जेवी) मॉडल अपनाना विकल्प बताया गया था।
शासन ने पहले विकल्प को चुनते हुए उपसचिव एएन साखरकर के हस्ताक्षर से 25 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया। शासन ने विभागीय आयुक्त नागपुर और एमएडीसी के उपाध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया है कि वे हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी कर विस्तृत प्रस्ताव शासन को प्रस्तुत करें।