Farmer Welfare Akola News: खाद खरीदने के लिए कृषि केंद्रों के सामने लगने वाली लंबी कतारों, स्टॉक की अनिश्चितता और विक्रेताओं द्वारा की जाने वाली अनधिकृत 'लिंकिंग' पर नकेल कसने के लिए कृषि विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। 25 सितंबर से 'फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल' (FFFS) का तीसरा चरण अकोला जिले के साथ-साथ राज्य के शेष 23 जिलों में लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत पूरी बिक्री प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा, जिससे किसानों को सीधी राहत मिलेगी।
नये डिजिटल सिस्टम के माध्यम से किसान अब अपने मोबाइल से ही पास के कृषि सेवा केंद्रों में उपलब्ध खाद के स्टॉक की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इतना ही नहीं, किसान अपनी आवश्यकतानुसार खाद की एडवांस बुकिंग भी कर सकेंगे। बुकिंग कन्फर्म होने के बाद विक्रेता को संबंधित किसान के लिए खाद उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। बुकिंग के 2 दिनों के भीतर किसान या उनके परिवार का कोई भी प्रतिनिधि दुकान पर जाकर खाद प्राप्त कर सकता है।
इस प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए कृषि सेवा केंद्र संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए हैं। विक्रेताओं को ई-पॉस (e-PoS) मशीन में दर्ज आंकड़ों और अपने गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक का शत-प्रतिशत मिलान करना होगा। यदि दोनों स्टॉक में कोई अंतर पाया गया, तो 25 सितंबर के बाद ऐसे दुकानों पर खाद की बिक्री प्रभावित हो सकती है। किसी भी तकनीकी सहायता या ऐप के इस्तेमाल में समस्या आने पर किसान कृषिसखी, कृषिमित्र, पोकरा समूह सहायक, आत्मा एटीएम/बीटीएम और तहसील कृषि अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनुदानित खाद की बिक्री केवल बोरी पर छपे अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर ही की जाएगी। यदि कोई कृषि केंद्र संचालक एमआरपी से अधिक दाम वसूलता है या खाद के साथ अन्य टॉनिक, कीटनाशक या कृषि सामग्री खरीदने के लिए किसानों पर जबरन दबाव (लिंकिंग) बनाता है, तो किसान तुरंत कृषि विभाग के पास इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा सकते हैं। दोषी पाए जाने वाले विक्रेताओं के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।