फर्जी आधार कार्ड, जमीन धोखाधड़ी,(सोर्स: सोशल मीडिया)  
अकोला

Akola Land Scam: असली आधार कार्ड पर लगाया दूसरे का फोटो; 2 एकड़ जमीन हड़पकर 11 लाख की धोखाधड़ी, 2 गिरफ्तार

Akola Land Fraud: अकोला में फर्जी आधार कार्ड के जरिए दो एकड़ कृषि भूमि की अवैध रजिस्ट्री कर 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया। आर्थिक अपराध शाखा ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

अंकिता पटेल

Akola Fake Aadhaar Card: अकोला जिले में बनावटी आधार कार्ड के जरिए निमकर्दा स्थित दो एकड़ कृषि भूमि की फर्जी खरीद-फरोख्त कर 11 लाख रु। की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा ने कार्रवाई करते हुए आरोपी गोपाल अग्रवाल निवासी निमकर्दा और शिवशंकर परिहार निवासी खोलेश्वर, राजपूतपुरा, अकोला को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायालय में पेश करने पर दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। पुलिस के अनुसार, अंत्री मलकापुर निवासी अरविंद देठे (55) की निमकर्दा स्थित दो एकड़ कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेच दिया गया।

फर्जी आधार से जमीन की रजिस्ट्री

आरोप है कि गोपाल अग्रवाल ने शिवशंकर परिहार का फोटो अरविंद देठे के असली आधार कार्ड पर लगाकर नकली आधार कार्ड तैयार किया। इसी फर्जी पहचान के आधार पर बालापुर उप-पंजीयक कार्यालय में जमीन का पंजीयन कर मुजफ्फर नगर, अकोला निवासी मोहम्मद नदीन मोहम्मद असदुल्ला के नाम बिक्री कर दी गई। जमीन के सौदे में 6 लाख रु. नकद और 5 लाख रु. का चेक दिया गया था।

आरोपियों ने चेक खाताधारक के नाम के बजाय 'बेयरर' चेक देने की मांग की, जिससे सौदे में मध्यस्थ प्रॉपर्टी ब्रोकर शंकर उमाले निवासी बोरवाकड़ी को संदेह हुआ। उन्होंने अगले ही दिन बालापुर तहसील कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कराई, जिसमें पूरा सौदा संदिग्ध पाया गया और धोखाधड़ी का खुलासा हो गया। इसके बाद अरविंद देठे की शिकायत पर बालापुर पुलिस ने मामला दर्ज किया।

चेक लेने से किया मना

जांच के दौरान आरोपियों ने चेक के बजाय नकद राशि लेने की सहमति जताई और अकोला शहर के एक शीतपेय विक्रय केंद्र पर लेन-देन तय किया। हालांकि दूकान बंद होने के कारण स्थान बदला गया, लेकिन पहले से सतर्क आर्थिक अपराध शाखा के प्रमुख पुलिस निरीक्षक अनिल जुमले के नेतृत्व में टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में और कौन-कौन शामिल है तथा इसके पीछे किसी संगठित गिरोह का हाथ तो नहीं है। मामले की विस्तृत जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा जारी है।

प्रवेश वर्मा मंत्री हैं या गुंडे? हुसैन दलवई का पीएम मोदी से सवाल, क्या मंत्री को बर्खास्त करेगी भाजपा?

ज्ञानेश कुमार तो जाएंगे...बेला एस्टेट में 729 में से बचा महज 1 वोटर, चुनाव आयोग पर भड़के राहुल गांधी

ट्रैफिक चालान नहीं भरा तो क्या कटेगी बिजली? सुप्रीम कोर्ट ने दिया ये सुझाव

Fatehpur House Collapse: संदिग्ध सिलेंडर ब्लास्ट के बाद दो मंजिला मकान ढहा, 4 लोगों की दर्दनाक मौत

मास्को में गरजे प्रो. धीरज सिंह: बोले- वैश्विक शासन को दिशा दिखा रहा है भारतीय लोकतंत्र और नागरिक समाज