Dr Panjabrao Deshmukh Krishi Vidyapeeth Scam: महाराष्ट्र के अकोला स्थित प्रतिष्ठित डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ (PDKV) से वित्तीय अनियमितता का चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ है। विश्वविद्यालय में करीब 38 लाख 73 हजार रुपये के बड़े आर्थिक घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है।
इस मामले में पुलिस ने विश्वविद्यालय के वर्तमान रिसर्च डायरेक्टर डॉ. श्यामसुंदर माने सहित उच्च अधिकारियों, कर्मचारियों और एक निजी ठेकेदार के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इस घटना के बाद से पूरे विश्वविद्यालय प्रशासन और शैक्षणिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
मामले का खुलासा तब हुआ जब कृषि महाविद्यालय में विभिन्न विकास और प्रशासनिक कार्यों के भुगतानों में भारी गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद जब मामले की जांच शुरू की गई, तो परत-दर-परत घोटाले की पूरी साजिश सामने आ गई। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने कुल 115 फर्जी बिल तैयार करके लाखों रुपये की सरकारी राशि हड़प ली। इतना ही नहीं, एक ही काम के लिए दो-दो बार बिल निकालकर पैसों का गबन किया गया।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे घोटाले को छिपाने के लिए संबंधित कार्यों से जुड़ी लगभग 138 मूल फाइलें और जरूरी प्रशासनिक दस्तावेज कार्यालय से रहस्यमय तरीके से गायब कर दिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ प्रशासन ने स्पेशल जांच कमेटियां बनाईं। उनकी जांच में बिलों, काम के रिकॉर्ड और ओरिजिनल दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ियां पाई गईं। इसके बाद, वाइस-चांसलर की मंजूरी मिलने पर रजिस्ट्रार ऑफिस ने 17 जून 2026 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के लिए लिखित आदेश जारी किए।
कानूनी सलाह लेने के बाद, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने 29 जुलाई को अकाले के MIDC पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर कुल सात लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
अकोला पुलिस ने धोखाधड़ी, गबन और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में कुल 7 लोगों को नामजद किया है।
डॉ. श्यामसुंदर माने: तत्कालीन सहयोगी अधिष्ठाता एवं वर्तमान अनुसंधान निदेशक
हंसराज राठौड़: तत्कालीन सहायक कुलसचिव
सौरभ मोरे: वरिष्ठ लिपिक एवं स्टोरकीपर
विलास गुल्हाने: कृषि सहायक एवं स्टोरकीपर
पंकज पाल: स्टोरकीपर (मृतक)
मदन लांजेवार: कर्मचारी (मृतक)
डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ में हुए घोटाले के आरोपियों में से पंकज पाल और मदन लांजेवार की मौत हो चुकी है, जबकि बाकी आरोपी अभी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इस घटनाक्रम से एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के हलकों में हड़कंप मच गया है।