Borgaon Manju Attack Crime News: बोरगांव मंजू के रेणुका नगर में शनिवार की शाम एक युवक पर धारदार हथियार से प्राणघातक हमला किया गया था। इस घटना से क्षेत्र में खलबली मच गई थी। हमले के बाद तीनों आरोपी युवक घटनास्थल से फरार हो गए थे, लेकिन बोरगांव मंजू पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और गोपनीय जानकारी के आधार पर तीनों को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बोरगांव मंजू निवासी पंकज अघडते पर उसके ही घर में धारदार हथियार से हमला किया गया था। हमले के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर रक्तरंजित अवस्था में पड़ा था। सूचना मिलते ही थानेदार अनिल गोपाल, पुलिस उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर लांडे, मनोज उघडे और रविंद्र धुले तत्काल घटना स्थल पर पहुंचे। घायल युवक को तुरंत सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्राथमिक जांच में तीन आरोपियों के शामिल होने की पुष्टि हुई। पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक के मार्गदर्शन में थानेदार अनिल गोपाल ने विशेष पथक गठित किया। इस पथक में अकोला पुलिस उपनिरीक्षक मनोज उघडे, रविंद्र धुले, ज्ञानेश्वर लांडे, हेड कॉन्स्टेबल प्रमोद डोईफोडे, सुदीप राऊत, सचिन सोनटक्के, शेखर कोद्रे, नारायण शिंदे, महादेव पातोंड और अक्षय देशमुख शामिल थे।
तकनीकी विश्लेषण और गुप्त जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी ओम वाघमारे और रितेश यादव को बोरगाव मंजू क्षेत्र से गिरफ्तार किया। तीसरे आरोपी शाम ठाकरे को काटेपुर्णा क्षेत्र से पकड़ा गया। जांच में यह भी सामने आया कि हमले में इस्तेमाल किया गया धारदार हथियार सड़क किनारे छिपाकर रखा गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।
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इस मामले में परिजनों की शिकायत पर अपराध दर्ज किया गया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 20 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया। प्राथमिक जांच में यह सामने आया कि मामूली विवाद के चलते हमला हुआ, लेकिन इस गंभीर घटना के पीछे का वास्तविक कारण जानने के लिए थानेदार अनिल गोपाल, पुलिस उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर लांडे, मनोज उघडे, रविंद्र धुले और पुलिस कर्मचारी आकाश जंजाल आगे की जांच कर रहे हैं।