अकोला जिला परिषद ( सोर्स: नवभारत) 
अकोला

अकाेला जिला परिषद चुनाव की तिथि का मुहूर्त कब? OBC आरक्षण निर्णय पर टिकी निगाहें, इच्छुक कर रहे इंतजार

Akola OBC News: सुप्रीम कोर्ट ने 50% से अधिक आरक्षण वाली स्थानीय संस्थाओं के चुनाव कराने से इंकार किया। अकोला जिला परिषद व 7 पंचायत समितियों के चुनाव टले, राजनीति व प्रशासन में अनिश्चितता बढ़ी।

रूपम सिंह

OBC Reservation Case News: अकोला में कई महीनों से लंबित अकोला जिला परिषद और उसके अंतर्गत आने वाली 7 पंचायत समितियों के आम चुनावों की तिथि अब तक तय नहीं हो सकी है। 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण वाली स्थानीय संस्थाओं के चुनाव सर्वोच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन कराने की अनुमति राज्य सरकार ने मांगी थी। किंतु 23 फरवरी की सुनवाई में सर्वोच्च न्यायालय ने ऐसी अनुमति देने से स्पष्ट इंकार कर दिया।

इस निर्णय से अकोला जिले का राजनीतिक वातावरण पुनः अनिश्चित हो गया है और चुनाव आगे बढ़ गए हैं, जिससे इच्छुक उम्मीदवारों में अस्वस्थता फैल गई है। राज्य की कई स्थानीय संस्थाओं में आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण कानूनी पेच उत्पन्न हुआ है। ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय में लंबे समय से सुनवाई चल रही है। अकोला जिला परिषद भी उन्हीं संस्थाओं में है जहाँ आरक्षण का गणित 50 प्रतिशत से ऊपर है।

राज्य सरकार ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि अंतिम निर्णय आने तक चुनाव कराने की अनुमति दी जाए ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों। परंतु न्यायालय ने 'जैसे थे' स्थिति बनाए रखने का निर्देश देते हुए यह मांग अस्वीकार कर दी। ग्रामीण क्षेत्रों के राजनीतिक इच्छुक उम्मीदवार चुनाव घोषणा की प्रतीक्षा कर रहे थे। कई उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारी शुरू कर दी थी, किंतु अब उन्हें पुनः इंतजार करना पड़ेगा। वहीं आम नागरिकों का ध्यान इस पर केंद्रित है कि आरक्षण का यह विवाद कब सुलझेगा और सर्वोच्च न्यायालय अंतिम निर्णय कब देगा।

राजनीतिक दलों के प्रमुख दिखाएंगे दम

शिंदे सेना के जिला प्रमुख श्रीरंग पिंजरकर ने कहा कि "पार्टी स्तर पर तैयारी पूरी है, अब चुनाव की तारीखों की प्रतीक्षा है। "भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष शिवरकार ने कहा कि "ओबीसी आरक्षण पर न्यायालय का निर्णय आने के बाद हम ताकत से चुनाव में उतरेंगे।" कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अशोक अमानकर ने कहा कि "हम पूरी तैयारी में हैं, परंतु सत्ताधारी ओबीसी मुद्दा आगे कर चुनावों में पेच बढ़ा रहे हैं।" शिवसेना उबाठा के जिला प्रमुख गोपाल दातकर ने कहा कि "सत्ताधारी चुनावों से बचने के लिए इन्हें जानबूझकर टाल रहे हैं, पर हम सज्ज हैं।" वंचित बहुजन आघाड़ी के जिलाध्यक्ष प्रमोद देंडवे ने कहा कि "हम सक्षम रूप से तैयार हैं, न्यायालय का निर्णय आते ही पूरी ताकत से चुनाव में उतरेंगे।"

7 पंचायत समितियों की चुनाव प्रक्रिया प्रभावित

अकोला जिला परिषद के साथ-साथ अकोला, अकोट, तेल्हारा, बालापुर, पातुर, मुर्तिजापुर और बार्शीटाकली पंचायत समितियों के चुनाव भी इसी निर्णय के कारण स्थगित हो गए हैं।चुनाव समय पर न होने से इन संस्थाओं पर प्रशासनिक राजवट जारी है और ग्रामीण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। न्यायालय की नई भूमिका के कारण आगामी कुछ महीनों तक चुनाव होने की संभावना क्षीण हो गई है।

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