Akola Women Empowerment: महिला आर्थिक विकास महामंडल (माविम) द्वारा जिले में संचालित महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका विकास से जुड़े विभिन्न उपक्रमों का जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने गुरुवार को दौरा कर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने महिला स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री स्टॉल का अवलोकन किया तथा महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
माविम की जिला समन्वय अधिकारी वर्षा खोब्रागड़े ने जिले में महिला आर्थिक विकास महामंडल के माध्यम से संचालित विभिन्न योजनाओं और महिलाओं के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों से जिलाधिकारी को अवगत कराया। वहीं सीएमआरसी प्रबंधक सोनाली अंबरते ने केंद्र के कार्यों, सीएमआरसी भवन के निर्माण, महिलाओं के लिए संचालित गतिविधियों तथा उनके सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर सीएमआरसी के आरजीबी सदस्य एवं सहयोगिनी महिलाओं ने स्वास्थ्य एवं पोषण, परसबाग विकास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, महिला उद्यमों, आजीविका संवर्धन गतिविधियों तथा विभिन्न सफलता की कहानियों के बारे में जिलाधिकारी से संवाद किया। अकोला जिले के महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों से सुसज्जित आकर्षक उपहार टोकरी जिलाधिकारी वर्षा मीणा को भेंट की गई। उन्होंने महिलाओं की रचनात्मकता, परिश्रम और उद्यमशीलता की सराहना की।
दौरे के दौरान जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने शिवणी गांव के 43 महिला समूहों में से आशा कार्यकर्ता बनीं 11 महिलाओं के प्रतिनिधियों से चर्चा की। उन्होंने महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी सफलता की कहानियां सुनीं तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं द्वारा अपना घर बनाने, एमई ऋण का उपयोग करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अनुभवों को जाना, महिलाओं ने उन्हें स्व-सहायता समूहों को मिलने वाले बैंक लिंकेज, 99 प्रतिशत ऋण पुनर्भुगतान दर तथा जीवामृत, दशपर्णी अर्क और वर्मी कम्पोस्ट जैसे जैविक उत्पादों के निर्माण एवं कृषि में उनके उपयोग की जानकारी दी। महिलाओं ने समूह सदस्य से सेतु चालक, संस्था संचालक और आगे चलकर पतसंस्था संचालक बनने तक के अपने प्रेरक सफर को भी साझा किया। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी गई।