अकोला मनपा जमीन  (सोर्सः सोशल मीडिया)
अकोला

अकोला चारजिन क्षेत्र में अवैध कब्जे पर मनपा की कार्रवाई, 20 लोगों को नोटिस, 30 दिन में जगह खाली करने का आदेश

Akola Illegal Encroachment:अकोला के चारजिन क्षेत्र में 83 हजार वर्ग फीट मनपा जमीन से अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। 20 लोगों को 30 दिन में जगह खाली करने के आदेश दिए गए हैं।

आंचल लोखंडे

Akola Municipal Corporation Land: अकोला शहर के मध्यवर्ती चारजिन क्षेत्र में मनपा की 83 हजार वर्ग फीट जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे को हटाने की प्रक्रिया आखिरकार शुरू हो गई है। न्यायालय के आदेश के करीब चार साल बाद मनपा ने जमीन का कब्जा अपने हाथ में लेकर आगे की कार्रवाई तेज कर दी है।

जमीन पर रह रहे और व्यवसाय करने वाले 20 लोगों को नोटिस देकर मनपा आयुक्त ने सुनवाई पूरी कर ली है। अब मुंबई मनपा अधिनियम की धारा 81 (ब) के तहत संबंधितों को 30 दिनों के भीतर जगह खाली करने के आदेश दिए गए हैं। दगड़ी पुल के समीप चारजिन कंपाउंड क्षेत्र में मनपा की 83 हजार वर्ग फीट जमीन तत्कालीन नगर पालिका ने वर्ष 1931 में गणेशदास गुलाबचंद को 30 वर्ष की लीज पर दी थी। यह लीज वर्ष 1960 में समाप्त हो गई।

20 परिवारों को नोटिस जारी

लीज समाप्त होने के बाद नगर पालिका ने समय पर जमीन अपने कब्जे में नहीं ली। इसी दौरान गणेशदास गुलाबचंद ने लीज का नवीनीकरण कराए बिना जमीन तोष्णीवाल परिवार को हस्तांतरित कर दी। जमीन पर वर्षों तक ध्यान नहीं दिए जाने के बाद नगर पालिका ने वर्ष 1980 में इसे अपने कब्जे में लेने का प्रयास शुरू किया।

हालांकि, यह मामला आगे नहीं बढ़ सका और कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद वर्ष 2009 में तत्कालीन मनपा आयुक्त गिरिधर कुर्वे ने मनपा अधिनियम की धारा 81 (ब) के तहत तोष्णीवाल परिवार को नोटिस जारी कर एक माह के भीतर जमीन मनपा को सौंपने के निर्देश दिए।

जिला न्यायालय से हाईकोर्ट तक चला मामला

मनपा की इस कार्रवाई को तोष्णीवाल परिवार ने जिला न्यायालय में चुनौती दी। जिला न्यायालय ने मनपा के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद इस निर्णय को नागपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। वर्ष 2011 में हाईकोर्ट ने भी मनपा के पक्ष में फैसला दिया। इसके बाद तोष्णीवाल परिवार ने हाईकोर्ट में लेटर्स पेटेंट अपील दाखिल की।

इस पर हाईकोर्ट ने मामले की दोबारा जिला न्यायालय में सुनवाई के निर्देश दिए। जिला न्यायालय में पुनः मनपा के पक्ष में फैसला आया। इसके खिलाफ भी तोष्णीवाल परिवार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति अमित बोरकर ने 23 अगस्त 2022 को जमीन मनपा के कब्जे में देने के आदेश जारी किए।

जमीन पर मकान और गोदाम

कुल 83 हजार वर्ग फीट जमीन में से करीब 23 हजार वर्ग फीट क्षेत्र में वर्तमान में गोदाम और मकान बने हुए है। इन मकानों में करीब 30 से 40 नागरिक पिछले 50 से 60 वर्षों से रह रहे है। अब मनपा द्वारा जमीन खाली कराने की कार्रवाई शुरू किए जाने से इन परिवारों के सामने भी विस्थापन की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

20 लोगों को नोटिस

मनपा ने जमीन पर कब्जा जमाए 20 लोगों को जगह खाली करने के संबंध में नोटिस जारी किए थे। आयुक्त के समक्ष उनकी सुनवाई भी पूरी हो चुकी है। इसके बाद अधिनियम की धारा 81 (ब) के तहत संबंधितों को 30 दिनों के भीतर जगह खाली करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बाद मनपा जमीन का पूर्ण कब्जा लेने की दिशा में आगे की कार्रवाई करेगी।

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