महावितरण कर्मचारी आंदोलन (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Mahavitaran Employees Protest: महाराष्ट्र राज्य पिछड़ावर्गीय विद्युत कर्मचारी संगठन के सभासद तथा सहाय्यक अभियंता (पा.आ.) अमित चौरे की कथित अन्यायकारक प्रशासकीय तबादला रद्द करने की मांग को लेकर अकोला परिमंडल कार्यालय के समक्ष धरणा आंदोलन किया गया। संगठन का कहना है कि चौरे अकोला ग्रामीण विभाग में केवल एक वर्ष से कार्यरत थे। इसके बावजूद आदेश क्र. 65227 CE/AKL/HR/AE/ADM/1162, दिनांक 29 जून 2026 के अनुसार उनका तबदला किया गया।
आरोप है कि यह तबदला वास्तविक प्रशासकीय आवश्यकता से नहीं, बल्कि अन्य परिमंडल से विनती तबदला पर आए अभियंता को पदस्थापित करने के उद्देश्य से की गई। संगठन ने इसे महावितरण के विद्यमान तबदला नीति और प्राकृतिक न्याय के मूलभूत तत्त्वों के विरोध में बताया। संगठन ने 1 जुलाई 2026 को प्रशासन को निवेदन देकर चौरे का तबदला रद्द करने अथवा उन्हें अकोट विभागीय कार्यालय में पदस्थापित करने की मांग की थी। प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा था, परंतु ठोस कार्यवाही न होने पर संगठन ने आंदोलन का मार्ग अपनाया। संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो 20 जुलाई 2026 से कार्यालय के समक्ष श्रृंखलाबध्द अनशन किया जाएगा।
20 जुलाई से अनशन की तैयारी
आंदोलन के कारण औद्योगिक शांति भंग होने की स्थिति में
जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस आंदोलन में पृथ्वीराज वानखडे, शीलवंत डोंगरे, शुद्धोधन दारोकर, अमोल ठोबरे, एन. एन. सिरसाट, एस. पी. मेसेरे, गणेश डोईफोडे, अमोल सदांशीव, अनिल भागवत, अजय गजबे, पी. एस. अजने, अमित चौरे, प्रवीण खंदारे, सतीश निंबालकर, सोपान गावंडे, विक्की उपर्वाट, विजय भटकर, असोजीत पाटिल, संगम वानखडे, सतीश वाकोडे, मनोज वाकोडे, अमोल पावडे, रत्नदीप सरदार, दिलीप मनवर, बंडू जाधव, आर. एस. मोरे, अविनाश भोलनकर समेत अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
आदेश में अडचण
अकोला परिमंडल कार्यालय के अधिकारी शेलकर ने आंदोलकारी से चर्चा कर नई ऑर्डर निकालने का निर्णय किया। परंतु अधिकारियों की वीडियो कॉन्फरन्स के कारण आदेश जारी करने में अडचण आई। हालांकि अधिकारी शेलकर स्वयं
आंदोलन स्थल पर उपस्थित रहे, जिससे आंदोलकों ने विश्वास व्यक्त किया।