Akola Health Department: किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान को जिले में अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही है।
अभिभावकों में टीके को लेकर पर्याप्त जानकारी का अभाव, भ्रम और जागरूकता की कमी सामने आने के कारण अब अभियान की समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से एचपीवी टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पात्र बालिकाओं को टीका लगाने के लिए स्वास्थ्य कर्मचारी अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर अभिभावकों द्वारा टीके को लेकर भ्रम और शंकाएं व्यक्त किए जाने से निर्धारित लक्ष्य पूरा करने में कठिनाई आ रही है।
एचपीवी संक्रमण को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक माना जाता है। ऐसे में निर्धारित आयु में टीकाकरण के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और जागरूकता को भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि टीके को लेकर किसी भी प्रकार के भ्रम की स्थिति में अफवाहों पर विश्वास न करें और डॉक्टर या स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से सही जानकारी प्राप्त करें।
अकोला जि.प. टीकाकरण अधिकारी विनोद करंजेकर ने कहा कि अभिभावकों को किसी भी प्रकार का भय मन में नहीं रखना चाहिए। अपनी पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाएं।
महाराष्ट्र में एचपीवी टीकाकरण अभियान 8 मार्च 2026 से शुरू किया गया था। इसका प्रारंभिक समय 8 सितंबर 2026 तक निर्धारित था। केंद्र सरकार से प्राप्त निर्देशों के बाद पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा करने के लिए अभियान को अब 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है।
जिले में अब तक अकोला तहसील में 523, अकोट में 238, बालापुर में 157, बार्शीटाकली में 231, पातुर में 217, तेल्हारा में 240 और मुर्तिजापुर में 164 पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया गया है। इस प्रकार जिले में कुल 1770 बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है।