अकोला GMC प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया) 
अकोला

अकोला GMC वायरल वीडियो: 2 सुरक्षा गार्ड बर्खास्त, वार्डबॉय को भेजा गया अनिवार्य अवकाश पर

Patient Care Lapse Investigation: अकोला GMC में महिला द्वारा पति को कंधे पर उठाने के वीडियो मामले में 2 गार्ड बर्खास्त और एक वार्डबॉय छुट्टी पर। विधायक साजिद खान ने बैठक कर ली क्लास।

केतकी मोडक

Akola GMC Viral Video Case: अकोला सर्वोपचार अस्पताल की मरीज सेवा में गंभीर खामियों को उजागर करने वाले वायरल वीडियो मामले में प्रशासन ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए दो सुरक्षा रक्षकों को बर्खास्त कर दिया है तथा एक वार्डबॉय को अनिवार्य अवकाश पर भेजा है। इस प्रकरण पर बुधवार को विधायक साजिद खान पठान ने डीन डॉ. संजय सोनूने, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में डॉ. सोनूने ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि विभागीय जांच में दोषी पाए जाने वाले डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। गत सप्ताह अस्पताल में एक आदिवासी महिला को अपने पति को कंधे पर उठाकर उपचार के लिए ले जाना पड़ा था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिससे अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली की तीखी आलोचना हुई। घटना की जानकारी मिलने पर विधायक पठान ने अस्पताल का दौरा कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।

निष्पक्ष जांच के आदेश

मंगलवार कर को विधायक पठान ने मुंबई में चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ से मुलाकात मामले में हस्तक्षेप की मांग की। इसके बाद मंत्री महोदय ने जांच समिति गठित कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए। मुंबई से लौटने के बाद बुधवार दोपहर ही पठान ने अस्पताल में बैठक लेकर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक उपायों पर जोर दिया। साथ ही अस्पताल की पानी आपूर्ति, स्वच्छता और मरीज सेवा व्यवस्था में सुधार की मांग की। बैठक में डॉक्टरों, अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्याएं भी सुनी गई। विधायक पठान ने आश्वासन दिया कि संबंधित मुद्दे मंत्रालय स्तर पर उठाकर समाधान के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में कांग्रेस के मोहम्मद इरफान, मोहम्मद युसुफ, कशीश खान, सुवर्णरखा जाधव, राहुल सारवान, अंकुश तायडे, पराग कांबले, अभिजीत तवर सहित पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

प्रशासन पर सवालों की लगाई बौछार?

समीक्षा बैठक में विधायक पठान ने प्रशासन से कई सवाल पूछे। अस्पताल में कितने स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध है, स्वच्छता के लिए मिली निधि का उपयोग कहां हुआ, घटना के दिन ड्यूटी पर कौन था, सरकारी समाजसेवकों की भूमिका क्या रही, वरिष्ठ डॉक्टर मौजूद होने पर प्रशिक्षु डॉक्टरों से इलाज क्यों कराया गया। इन सभी प्रश्नों के उत्तर अस्पताल प्रशासन से मांगे गए। इससे बैठक में जीएमसी प्रशासन कुछ समय के लिए निरुत्तर दिखाई दिया।

युवक कांग्रेस का आंदोलन

इस घटना के विरोध में युवक कांग्रेस ने नगरसेवक आकाश कवडे के नेतृत्व में अस्पताल के प्रवेश द्वार पर आंदोलन किया। आंदोलनकारियों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही भविष्य में किसी भी मरीज को ऐसी कठिनाई न झेलनी पड़े, इसके लिए ठोस उपाय करने की भी मांग की गई।

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