Water Can (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अकोला

अकोला: ठंडे पानी के कैन का व्यवसाय चरम पर, लेकिन शुद्धता भगवान भरोसे; बिना जांच के घरों में पहुँच रही बीमारिय

Water Can News: अकोला में गर्मी के साथ ठंडे पानी के कैन की मांग बढ़ी है, लेकिन इसकी शुद्धता और सफाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना नियमावली के चल रहे ये प्लांट नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं।

रूपम सिंह

Akola Drinking Water News: अकोला में हर साल गर्मियों में शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठंडे पानी के कैन की मांग तेजी से बढ़ जाती है। यह पानी पीने वालों को भले ही राहत और स्वादिष्ट लगे, लेकिन इसकी शुद्धता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

उष्णता के लिए प्रसिद्ध अकोला शहर में यह व्यवसाय तेजी से फल-फूल रहा है। मगर इसके लिए कोई ठोस नियमावली नहीं होने से कैन के पानी की गुणवत्ता कौन जांचे, यह बड़ा प्रश्न बन गया है।

पहले ठंडा पानी उपलब्ध कराना शान का प्रतीक माना जाता था, लेकिन अब शादी-ब्याह और छोटे-बड़े समारोहों में कैन का पानी आम हो गया है। पहले बड़े ड्रमों में साधारण पानी भरकर उसमें बर्फ डालकर नागरिकों को ठंडा पानी दिया जाता था। अब मात्र एक फोन पर थंडे पानी के कैन घर तक पहुंच जाते हैं। नागरिक भी कार्यक्रमों में इसी माध्यम से पानी की व्यवस्था करते हैं।

आम धारणा है कि कैन का पानी शुद्ध होता है, लेकिन यह धारणा गलत साबित हो रही है। इस व्यवसाय से हजारों रुपये की कमाई होती है, परंतु इसकी शुद्धता की जांच के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

शहर में कई जगह लगे प्लांट

ठंडे पानी के कैन की बढ़ती मांग को देखते हुए कई लोगों ने इस उद्योग की ओर रुख किया है। लगभग 20 लीटर का कैन 20 से 30 रुपये तक में मिलता है। अधिकांश प्लांट अकोला शहर की बस्तियों में हैं, जहां स्वच्छता का अभाव - दिखाई देता है। ऐसे स्थानों से घरों तक पहुंचने वाले - पानी के साथ बीमारियां भी पहुंच सकती हैं।

प्लास्टिक कैन की सफाई पर सवाल

बार-बार उपयोग में आने वाले प्लास्टिक कैन की नियमित सफाई नहीं होती। कई जगहों पर बोरवेल और कुओं का पानी भी सीधे प्लांट में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में नागरिकों तक पहुंचने वाला यह पानी वास्तव में कितना सुरक्षित है, इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।

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