Ahilyanagar Police Bribery Case: महाराष्ट्र अहिल्यानगर जिले में रिश्वतखोरी के मामले में पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। अहिल्यानगर तहसील पुलिस थाने में दर्ज एक मामले में मदद करने के बदले एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिस उपनिरीक्षक जयेश मोतीलाल गांगुर्डे के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने तोफखाना पुलिस थाने में मामला दर्ज किया है। एसीबी की टीम ने आरोपी पुलिस अधिकारी को नासिक से हिरासत में लिया है।
ACB के उपअधीक्षक अजित त्रिपुटे ने बताया कि इस मामले में एसीबी के पुलिस निरीक्षक राजू आल्हाट की शिकायत पर कार्रवाई की गई। आरोपी उपनिरीक्षक गांगुर्डे अहिल्यानगर तहसील पुलिस थाने में कार्यरत था। आरोप है कि उसने एक आपराधिक मामले में मदद करने और आरोपियों को सहयोग देने के बदले पहले दो लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। बाद में सौदेबाजी के बाद रकम एक लाख रुपये तय हुई। शिकायतकर्ता ने 18 मई 2026 को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायतकर्ता के मामा सहित 15 लोगों के खिलाफ अहिल्यानगर तहसील पुलिस थाने में मामला दर्ज था, जिसकी जांच गांगुर्डे के पास थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि मामले में मदद करने के लिए आरोपी अधिकारी लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। रिश्वत नहीं देना चाहने पर शिकायतकर्ता ने सीधे एसीबी से संपर्क किया। इसके बाद एसीबी ने पंचों की मौजूदगी में पुलिस मुख्यालय के गेट पर सत्यापन कार्रवाई की। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गांगुर्डे ने मामले में मदद करने के बदले शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके आधार पर बुधवार को आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया।
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बताया जा रहा है कि करीब 8 दिन पहले ही जयेश गांगुर्डे को सहायक पुलिस निरीक्षक पद पर पदोन्नति मिली थी और उसका तबादला नासिक जिले में कर दिया गया था। हालांकि पदोन्नति के बावजूद उसे तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया गया था। वह अहिल्यानगर पुलिस मुख्यालय में चल रहे प्रशिक्षण में शामिल था। इसी दौरान उसने शिकायतकर्ता से रिश्वत की मांग की। मंगलवार को उसे तहसील पुलिस थाने से कार्यमुक्त किया गया और अगले ही दिन बुधवार को उसके खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज कर लिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में खलबली मच गई है।