Rohit Pawar Vs Gopichand Padalkar: पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की 301वीं जयंती के अवसर पर जामखेड़ के चोंडी में आयोजित कार्यक्रम में भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार के बीच गहरा विवाद उत्पन्न हो गया है। यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें धक्का-मुक्की, नारेबाजी और कथित तौर पर अपशब्दों का प्रयोग भी देखने को मिला, जिससे जयंती समारोह के पावन अवसर पर तनाव व्याप्त हो गया।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक गोपीचंद पड़लकर के समर्थकों द्वारा एक गाना बजाया गया। इस गाने पर पडलकर के समर्थकों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया और जमकर थिरकने लगे। वहां मौजूद रोहित पवार और उनके कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ा विरोध जताया व जमकर नारेबाजी करने लगे, जिसके कारण दोनों पक्षों के बीच जोरदार बहस शुरू हो गई ओर तनाव बहुत बढ़ गया। स्थिति इतनी बेकाबू हो गई कि वहां तैनात पुलिस बल को हस्तक्षेप करना पड़ा।
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक रोहित पवार ने इसे अत्यंत घृणित और शर्मनाक व्यवहार करार दिया। पवार ने आरोप लगाया कि अहिल्यादेवी के जन्मस्थान चोंडी के स्मारक के पास पवित्रता का उल्लंघन किया गया। उन्होंने कहा कि लोककल्याणकारी राज्य का आदर्श देने वाली अहिल्यादेवी के गुणों का गान करने के बजाय, वहां नाद करायचा नाय जैसे आत्म-स्तुति वाले गाने बजाकर व्यक्तिगत प्रचार किया जा रहा था। पवार ने तीखा सवाल किया कि वहां अहिल्यादेवी की जयंती मनाई जा रही थी या किसी विधायक के जन्मदिन की पार्टी चल रही थी? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस पवित्र स्थान पर अभद्र भाषा और गालियों का भी प्रयोग किया गया।
दूसरी ओर, विधायक गोपीचंद पडलकर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए रोहित पवार पर स्टंटबाजी करने का आरोप लगाया। पड़लकर ने कहा कि अहिल्यादेवी का स्थान अत्यंत पवित्र है और वहां साफ मन से आना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि रोहित पवार पहले आकर अभिवादन करके जा चुके थे, लेकिन फिर फायर शो के समय वे 50 लोगों के साथ नारेबाजी करते हुए वापस आए, जिसका उद्देश्य केवल हंगामा खड़ा करना था।
पड़लकर के अनुसार, पवार ने आधे घंटे तक सड़क पर रुककर कार्यकर्ताओं को अपशब्द कहे और पुलिस की विनती भी नहीं मानी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे ऐसी स्टंटबाजी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और राजनीतिक ईर्ष्या के कारण यह सब किया जा रहा है।
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें विधायक गोपीचंद पडलकर कथित तौर पर विरोध करने वालों को सरेआम गालियां देते और आक्रामक भाषा का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। फिलहाल, इस विवाद ने चोंडी और आसपास के क्षेत्रों के राजनीतिक वातावरण को गरमा दिया है।