गोंदिया में अवैध लिंग जांच करने वालों की अब खैर नहीं, कन्या भ्रूण हत्या रोकने को एक्शन में सरकार

Gondia Sex Determination Tests: गोंदिया में अवैध भ्रूण लिंग जांच व कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया। संदिग्ध केंद्रों की जांच बढ़ाने व दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
Those conducting illegal sex determination tests in Gondia are in for a reckoning; the government swings into action to curb female feticide.
भ्रूण लिंग जांच, कन्या भ्रूण हत्या, गोंदिया, (सोर्स: सौजन्य AI)
Published on
Updated on

Gondia Public Health Department: गोंदिया जिले में अवैध भ्रूण लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई पीसीपीएनडीटी कानून के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधी बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि भ्रूण लिंग जांच करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

ऐसे अवैध कार्यों में शामिल डॉक्टरों, क्लीनिकों और अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने निर्देश दिए कि संदिग्ध अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित और औचक जांच बढ़ाई जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। इसके साथ ही जिला और नगर निगम स्तर पर गठित पीसीपीएनडीटी समितियों को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इन समितियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं, विशेष रूप से बैठक में मुखबिर प्रणाली को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

जिले में अल्ट्रासाउंड सेंटरों की औचक जांच

आशा सेविकाओं और आम नागरिकों से प्राप्त सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। सूचना देने वाले लोगों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी, जिससे लोग बिना डर के जानकारी साझा कर सकें। गोंदिया जिले में भी जिला शल्य चिकित्सक डॉ. पुरुषोत्तम पटले के नेतृत्व में अप्रैल 2026 में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड सेंटरों की औचक जांच की गई थी।

कही भी ऐसी जानकारी मिलते ही सूचना करें

कहीं भी भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो टोल-फ्री नंबर पर तत्काल सूचना दें, ताकि दोषियों पर कार्रवाई की जा सके। जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।

-गोंदिया, जिला शल्य चिकित्सक, डॉ. पुरुषोत्तम पटले

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com