

Rohit Pawar On Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को कल यानी 28 मई को चार महीने पूरे हो जाएंगे। CID और समेत अन्य जांच एजेंसियां हादसे की जांच में जुटी है। लेकिन अब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। इसे लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने राज्य सरकार और CID पर जोरदार हमला बोला है। रोहित ने सीआईडी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उसे 'निकम्मी और सिस्टम पर बोझ' करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस मामले में खुद हस्तक्षेप कर निष्पक्ष और तेज जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
रोहित पवार ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल पूछते हुए एक पाेस्ट किया। उन्होंने लिखा कि अजित पवार की मौत को 4 महीने पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अब तक जांच में कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दे रही। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईडी की जांच की रफ्तार बेहद धीमी है और एजेंसी मामले को गंभीरता से नहीं ले रही। उन्होंने कहा कि अजितदादा के दुर्घटना मामले में सीआईडी की जांच देखकर लगता है कि अजित हादसे की जांच अब दफन हो गई है। आखिर सीआईडी कर क्या रही है, यह समझ से परे है।
बता दें कि इसी साल 28 जनवरी को बारामती में हुए एक विमान हादसे में अजित पवार का निधन हो गया था। इस हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री समेत पांच लोगों की मौत हुई थी। हादसे के बाद से ही रोहित पवार लगातार मामले की पारदर्शी जांच की मांग करते आ रहे हैं। महाराष्ट्र में FIR दर्ज नहीं होने पर उन्होंने कर्नाटक जाकर ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज कराई थी, जिसे बाद में महाराष्ट्र ट्रांसफर किया गया। रोहित का कहना है कि विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दोषियों को 'पाताल से भी खोज निकालने' और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात कर सीबीआई जांच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
रोहित पवार ने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आपके आश्वासन के ढाई महीने बीत जाने के बाद भी जनता को यह नहीं बताया गया कि आखिर जांच में क्या प्रगति हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अमित शाह के साथ कई बैठकें हुई होंगी, लेकिन यदि अब तक सीबीआई जांच का मुद्दा नहीं उठाया गया है, तो कम से कम अगली बैठक में इसे प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
इस दौरान रोहित पवार भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि सामान्य लोगों की भावना होती है कि दोस्त जिंदा रहे या नहीं, दोस्ती हमेशा जिंदा रहती है। क्या राजनीति में यह भावना अलग होती है? उन्होंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मंत्रियों से भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
रोहित पवार ने सीआईडी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जब वह 28 अप्रैल को सीआईडी कार्यालय पहुंचे, तब वहां जांच अधिकारी मौजूद ही नहीं थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने ईमेल और लिखित पत्र के जरिए कई नए सबूत भी सौंपे, लेकिन किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मैंने खुद जाकर दस्तावेज दिए, ईमेल भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इससे साफ लगता है कि जांच को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।
रोहित पवार ने कहा कि उन्होंने अगले दिन सुबह 10:30 बजे सीआईडी कार्यालय में मिलने का समय मांगा है और वह वहां जाकर अधिकारियों से जवाब मांगेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि अगर सीआईडी को कानूनी और शांतिपूर्ण भाषा समझ नहीं आती, तो उन्हें 'दूसरी भाषा' में समझाना पड़ सकता है। रोहित के इस तीखे बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है, जबकि सरकार और सीआईडी की भूमिका पर सवाल खड़े होने लगे हैं।