उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उज्जैन

उज्जैन: सावन के सोमवार पर स्कूलों की छुट्टी को लेकर जल्द होगा फैसला, कलेक्टर बोले- निर्णय शीघ्र लिया जाएगा

School Holiday Sawan Ujjain: उज्जैन में 3 अगस्त को निकलेगी भगवान महाकाल की पहली सवारी, ट्रैफिक और सुरक्षा को देखते हुए सावन के सोमवार को स्कूलों की छुट्टी पर जल्द फैसला लेगा प्रशासन।

सजल रघुवंशी

Ujjain Collector On Sawan Monday Holiday: उज्जैन में भगवान महाकाल की नगरी सावन माह के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 30 जुलाई से सावन की शुरुआत होने जा रही है, जबकि 3 अगस्त को भगवान महाकाल की पहली शाही सवारी निकलेगी।

सावन के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसी बीच सावन के प्रत्येक सोमवार को शहर के विद्यालयों में अवकाश घोषित किए जाने को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि इस संबंध में जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

सोमवार को स्कूलों की छुट्टी पर प्रशासन करेगा फैसला

उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि सावन के सोमवार को विद्यालयों में अवकाश घोषित करने को लेकर विभिन्न स्तरों से मांगें प्राप्त हो रही हैं। महाकाल की सवारी के दौरान शहर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिसके चलते व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन और सुरक्षा व्यवस्था लागू करनी पड़ती है। ऐसे में विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल बसों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन जल्द ही विद्यालयों में अवकाश को लेकर निर्णय लेगा।

महाकाल सवारी मार्ग की तैयारियां लगभग पूरी

कलेक्टर ने बताया कि भगवान महाकाल की सवारी मार्ग पर सभी आवश्यक तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। सड़क, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने सवारी मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि अगले दो से तीन दिनों में शेष सभी कार्य भी पूरे कर लिए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

पिछले वर्षों की परंपरा पर टिकीं निगाहें

गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों से सावन के प्रत्येक सोमवार को उज्जैन शहर के शासकीय विद्यालयों में अवकाश घोषित किया जाता रहा है। इसके बदले पढ़ाई की भरपाई के लिए रविवार को विद्यालय संचालित किए जाते हैं।

इस व्यवस्था का उद्देश्य महाकाल की सवारी के दौरान ट्रैफिक दबाव कम करना और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। इस वर्ष भी अभिभावक, विद्यार्थी और स्कूल प्रबंधन प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। माना जा रहा है कि श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ और यातायात व्यवस्था को देखते हुए जल्द ही अवकाश को लेकर आधिकारिक आदेश जारी किया जा सकता है।

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