Highlights :
उज्जैन के जितेंद्र बंजारा हत्याकांड में अदालत का बड़ा फैसला।
पत्नी पूजा, प्रेमी राकेश कुशवाह और सहयोगी ईश्वर सिंह बंजारा को उम्रकैद।
तीनों दोषियों पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
24 दिसंबर 2022 को भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के झिरन्या गांव में हुई थी हत्या।
मृतक के 10 वर्षीय बेटे की गवाही मामले में अहम साबित हुई।
Ujjain Jitendra Banjara Murder Case : उज्जैन जिले में चर्चित जितेंद्र बंजारा हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मृतक की पत्नी पूजा उसके प्रेमी राकेश कुशवाह और सहयोगी ईश्वर सिंह बंजारा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा की अदालत ने तीनों दोषियों पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में मृतक के 10 वर्षीय बेटे की गवाही अहम साबित हुई। जिसने अपने पिता की हत्या से जुड़ी घटना के बारे में अदालत में बयान दिया।
ये मामला उज्जैन जिले के भैरवगढ़ थाना क्षेत्र के झिरन्या गांव का है। 24 दिसंबर 2022 को जितेंद्र बंजारा की हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद उसका शव घर के पास बने एक गड्ढे में फेंक दिया गया था।
हत्या की जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच में जितेंद्र की पत्नी पूजा उसके प्रेमी राकेश कुशवाह और सहयोगी ईश्वर सिंह बंजारा की भूमिका सामने आई। इसके बाद एमपी पुलिस ने मामले से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रकरण की सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखा।
इस हत्याकांड में जितेंद्र का 10 वर्षीय बेटा महत्वपूर्ण गवाह रहा। घटना के समय वह घर में मौजूद था और उसने वारदात को अपनी आंखों से देखने की बात कही। कम उम्र के बावजूद बच्चे की गवाही मामले की सुनवाई में अहम रही।
सुनवाई के दौरान बच्चे के बयान ने मामले को भावनात्मक पहलू भी दिया। खबर के अनुसार बेटे ने अदालत में कहा कि वो अपनी मां की शक्ल नहीं देखना चाहता क्योंकि उसी ने उसके पिता को मारा।
मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पंचम अपर सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार शर्मा की अदालत ने पूजा, राकेश कुशवाह और ईश्वर सिंह बंजारा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने तीनों पर 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।