सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते उज्जैन का देवास गेट बस स्टैंड बंद।
आगर, मक्सी, देवास, इंदौर और बड़नगर जाने वाली बसें अब नानाखेड़ा से संचालित।
बस पकड़ने के लिए यात्रियों को तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी, समय और खर्च बढ़ा।
बस संचालकों और ड्राइवरों को भी संचालन व समय-सारणी बनाए रखने में परेशानी।
Passengers Face Problems After Bus Stand Closure Ujjain: सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के चलते उज्जैन में देवास गेट बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके बाद आगर, मक्सी, देवास, इंदौर और बड़नगर की ओर जाने वाले यात्रियों को अब नानाखेड़ा बस स्टैंड से सफर करना पड़ रहा है। बस स्टैंड में हुए इस बदलाव का असर रोजाना यात्रा करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। मुख्य शहर में रहने वाले यात्रियों को बस पकड़ने के लिए नानाखेड़ा तक पहुंचना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा में अतिरिक्त समय लग रहा है। यात्रियों के लिए यह बदलाव परेशानी का कारण बन रहा है।
देवास गेट बस स्टैंड शहर के प्रमुख क्षेत्रों के नजदीक होने के कारण लंबे समय से यात्रियों के लिए सुविधाजनक रहा है। यहां से आसपास के शहरों और कस्बों के लिए बसें आसानी से मिल जाती थीं। लेकिन संचालन बंद होने के बाद यात्रियों को बस पकड़ने के लिए शहर से दूर नानाखेड़ा जाना पड़ रहा है। इसके लिए कई लोगों को ऑटो या अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ रहा है। खासकर नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और जरूरी काम से बाहर जाने वाले यात्रियों को इस व्यवस्था के कारण अपनी यात्रा की योजना में बदलाव करना पड़ रहा है।
नई व्यवस्था का असर केवल यात्रियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बस संचालकों और ड्राइवरों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि नानाखेड़ा बस स्टैंड तक आने-जाने में काफी समय लग रहा है। इससे बसों के संचालन और निर्धारित समय-सारणी को बनाए रखने में परेशानी होती है। अतिरिक्त दूरी और समय के कारण बसों के फेरे प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है। बस संचालकों के अनुसार, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को शहर के भीतर से ही सुविधाजनक तरीके से बस मिल सके और बसों का संचालन भी बिना अनावश्यक बाधा के जारी रह सके।
यात्रियों और बस संचालकों की प्रमुख मांग है कि आगर रोड पर किसी उपयुक्त स्थान पर अस्थायी बस स्टैंड बनाया जाए या बसों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। आगर, मक्सी और आसपास के क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए ऐसी व्यवस्था उपयोगी साबित हो सकती है। इससे लोगों को बस पकड़ने के लिए नानाखेड़ा तक जाने की मजबूरी से राहत मिल सकती है। साथ ही बस संचालकों और ड्राइवरों का समय भी बच सकेगा। हालांकि, इसके लिए उपयुक्त स्थान, यातायात व्यवस्था और प्रशासनिक अनुमति जैसे पहलुओं पर विचार करना जरूरी होगा।
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन शहर में विभिन्न विकास कार्यों और यातायात संबंधी व्यवस्थाओं में बदलाव किए जा रहे हैं। ऐसे में निर्माण कार्यों के साथ आम नागरिकों की दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखना भी महत्वपूर्ण है। देवास गेट बस स्टैंड से संचालन बंद होने के बाद यात्रियों और बस संचालकों की ओर से सामने आ रही परेशानियों के बीच अब वैकल्पिक व्यवस्था की मांग उठ रही है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान देकर ऐसा समाधान निकालेगा, जिससे सिंहस्थ की तैयारियां भी प्रभावित न हों और आम यात्रियों को भी राहत मिल सके। अब देखना होगा कि आगर रोड पर अस्थायी बस स्टैंड बनाने की मांग पर प्रशासन क्या कदम उठाता है।