Ujjain Deepotsav : उज्जैन में आज शाम भव्य दीपोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दिया’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस दौरान शिप्रा नदी के घाटों से लेकर श्री महाकाल महालोक तक 25 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अतिथि शामिल होंगे।
दीपोत्सव को लेकर शहर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। बुधवार को कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने रामघाट और दत्त अखाड़ा घाट पहुंचकर तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, स्मार्ट सिटी सीईओ नेहा जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने राणोजी की छतरी के पास तैयार किए जा रहे मंच, दत्त अखाड़ा घाट पर अतिथियों के लिए मंच, घाटों की लाइटिंग और आसपास के बड़े भवनों पर दीप सजाने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
दत्त अखाड़ा घाट पर दीप प्रज्वलन की प्रक्रिया का पूर्वाभ्यास किया गया। अधिकारियों, सेक्टर-सब सेक्टर अधिकारियों, सुपरवाइजरों और वॉलिंटियर्स ने तेल डालने, कपूर और बत्ती लगाने से लेकर दीप जलाने तक की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया। शिप्रा के विभिन्न घाटों और महाकाल महालोक क्षेत्र में करीब 11 हजार दीप ब्लॉक तैयार किए जा रहे हैं। प्रत्येक ब्लॉक में 225 दीप रखे जाएंगे और दो वॉलिंटियर्स उसकी जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रशासन के अनुसार 25 से 30 हजार वॉलिंटियर्स जनभागीदारी के जरिए आयोजन में सहयोग करेंगे।
दीप प्रज्वलन के बाद शिप्रा मैया की भव्य आरती होगी। इसके बाद रामघाट स्थित राणोजी की छतरी के पास बनाए जा रहे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सबसे पहले शैलेश लोढ़ा प्रस्तुति देंगे और प्रधानमंत्री के सेवाकाल से जुड़े विषय पर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद करीब 150 कलाकारों की टीम भगवान महाकाल पर आधारित फ्यूजन प्रस्तुति देगी, जिसमें गायन और नाट्य सहित विभिन्न कलाओं का समावेश होगा।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में भाविन शास्त्री का गायन कार्यक्रम भी होगा। इसके साथ ही युवाओं को जोड़ने के लिए भजन जैमिंग का आयोजन किया जाएगा। भजनों के साथ संगीत के अलग अंदाज का यह कार्यक्रम दीपोत्सव की शाम का एक प्रमुख हिस्सा रहेगा।
दीपोत्सव के दौरान केदारेश्वर घाट से दत्त अखाड़ा होते हुए गुरु नानक घाट, सुनहरी घाट से रामघाट होते हुए नरसिंह घाट ब्रिज, कर्कराज मंदिर, भूखी माता, लालपुल और गऊघाट सहित शिप्रा के विभिन्न हिस्सों में दीप प्रज्वलित किए जाएंगे। श्री महाकाल महालोक क्षेत्र में भी दीपों की रोशनी दिखाई देगी।
दीपोत्सव का समापन शिप्रा नदी के घाटों और आसपास के भवनों से होने वाली आतिशबाजी के साथ होगा। एक ओर घाटों पर लाखों दीप जगमगाएंगे तो दूसरी ओर आसमान में आतिशबाजी का नजारा दिखाई देगा। कलेक्टर ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में आयोजन में सहभागिता करने की अपील की है। जनभागीदारी से होने वाला यह आयोजन उज्जैन की संस्कृति, सेवा भावना और सामूहिक सहभागिता को सामने लाएगा।