जायजा लेते सीएम और अन्य नेता (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
उज्जैन

उज्जैन: मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लिया सिंहस्थ-2028 की तैयारियों का जायजा

Mohan Yadav Ujjain Visit : उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने त्रिवेणी घाट, पीएम एकता मॉल और कान्ह डक्ट परियोजना का निरीक्षण किया।

प्रीतेश जैन

Simhastha 2028 Ujjain Development Projects Inspection: मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय ऊर्जा, शहरी विकास एवं आवासन मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के तहत उज्जैन में चल रही प्रमुख विकास परियोजनाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। दोनों नेताओं ने त्रिवेणी घाट, पीएम एकता मॉल और कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का मौके पर जाकर जायजा लिया और अधिकारियों को समयसीमा तथा गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत त्रिवेणी घाट से हुई, जहां सिंहस्थ-2028 के लिए 778 करोड़ रुपये की लागत से 29.15 किलोमीटर लंबे नवीन घाटों का निर्माण कार्य चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 150 से अधिक प्रवेश और निकास बिंदु विकसित किए जा रहे हैं। अब तक 18.20 किलोमीटर रिटेनिंग वॉल का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि लगभग 22 किलोमीटर क्षेत्र में कार्य तेजी से जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ-2028 को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है।

पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने नवीन घाटों पर नीम, पीपल और रुद्राक्ष के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को हरित और पर्यावरण संतुलित बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।

पीएम एकता मॉल का अवलोकन

इसके बाद दोनों नेताओं ने इंदौर रोड स्थित निर्माणाधीन पीएम एकता मॉल का अवलोकन किया। अधिकारियों ने परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह आधुनिक कॉम्प्लेक्स शॉपिंग, मनोरंजन, सम्मेलन और आवासीय सुविधाओं से युक्त होगा। इसमें 123 दुकानें और शोरूम, मल्टीप्लेक्स, फूड कोर्ट, गेम जोन, 1500 क्षमता वाला कन्वेंशन हॉल और 52 कमरों की आवासीय सुविधा विकसित की जा रही है। यह परियोजना उज्जैन के पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।

920 करोड़ रुपये की परियोजना का निरीक्षण

इसके बाद मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट परियोजना का निरीक्षण किया। दोनों नेता टनल क्षेत्र में भी पहुंचे और निर्माण कार्य की प्रगति देखी। करीब 920 करोड़ रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को शिप्रा नदी में मिलने से रोकना है। इसके तहत 30.15 किलोमीटर लंबे क्लोज डक्ट सिस्टम के माध्यम से जल को गंभीर बांध के डाउनस्ट्रीम तक पहुंचाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि 12 किलोमीटर लंबी टनल में से 8.15 किलोमीटर की खुदाई पूरी हो चुकी है।

विजयवर्गीय और तुलसीराम सिलावट रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद अनिल फिरोजिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने परियोजनाओं की प्रगति पर संतोष जताते हुए समय पर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

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