Khade Hanuman Temple Ujjain News: खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए चरण में पहुंच गया है। मंदिर को यथास्थान रखने की मांग को लेकर श्रद्धालुओं और हिंदू संगठनों की ओर से हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है। अभियान में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर अपनी सहमति दर्ज कराई। हस्ताक्षर के जरिए लोगों ने मांग रखी कि बाबा खड़े हनुमान का मंदिर जिस स्थान पर वर्षों से विराजमान है, उसी स्थान पर भव्य रूप में बनाया जाए। अभियान से जुड़े लोगों के मुताबिक, एकत्र किए गए हस्ताक्षरों को सरकार और प्रशासन तक पहुंचाकर श्रद्धालुओं की भावनाओं से अवगत कराया जाएगा।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान श्रद्धालुओं ने कहा कि खड़े हनुमान मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मंदिर को लेकर चल रहे विकास और चौड़ीकरण के बीच श्रद्धालुओं की मांग है कि बाबा की प्रतिमा को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के बजाय उसी जगह मंदिर का निर्माण किया जाए। लोगों का कहना है कि विकास कार्य अपनी जगह जरूरी हैं, लेकिन धार्मिक भावनाओं और वर्षों पुरानी आस्था को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।
हिंदू संगठन के नेता रूपेश ठाकुर ने अभियान के दौरान प्रस्तावित शिफ्टिंग स्थल को लेकर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि मंदिर के लिए केवल जगह उपलब्ध होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस स्थान का धार्मिक और सामाजिक महत्व भी होना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाबा खड़े हनुमान जहां वर्तमान में विराजमान हैं, वहीं उनका भव्य मंदिर बनाया जाना चाहिए। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए प्रशासन और सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
अभियान में शामिल लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी मांग के समर्थन में आवाज बुलंद की। आयोजकों का कहना है कि यह अभियान किसी विवाद को बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं को लोकतांत्रिक तरीके से मध्य प्रदेश सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। अभियान में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि वे चाहते हैं कि मंदिर के भविष्य को लेकर ऐसा समाधान निकले, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हों और बाबा खड़े हनुमान की आस्था भी कायम रहे।
खड़े हनुमान मंदिर को लेकर लगातार सामने आ रही श्रद्धालुओं की मांगों के बीच अब हस्ताक्षर अभियान के जरिए सरकार तक लोगों की आवाज पहुंचाने की तैयारी है। अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि हस्ताक्षरों को एकत्र करने के बाद संबंधित अधिकारियों और सरकार को सौंपा जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर रहेगी। अब देखना होगा कि मंदिर को लेकर चल रही इस मुहिम और श्रद्धालुओं की मांग पर सरकार की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है।