अनिल फिरोजिया (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उज्जैन

NEET मुद्दे पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार; सांसद अनिल फिरोजिया ने विपक्ष से की सदन चलाने की अपील

Anil Firojiya Statement: NEET और राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार केंद्र सरकार, आलोट सांसद अनिल फिरोजिया बोले- विपक्ष बाहर भ्रम न फैलाए, सदन में दे रचनात्मक सहयोग।

सजल रघुवंशी

Anil Firojiya On NEET Issue: आलोट संसदीय क्षेत्र के सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा है कि केंद्र सरकार NEET सहित सभी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर संसद के भीतर विस्तृत, सार्थक और तथ्यपरक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया।

सांसद फिरोजिया ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है, जहां जनहित और राष्ट्रहित से जुड़े विषयों पर सकारात्मक, रचनात्मक और तथ्य आधारित चर्चा होनी चाहिए। लोकतंत्र में संवाद, विचार-विमर्श और स्वस्थ बहस ही समस्याओं के समाधान का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को संसद में अपनी बात रखने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए चुना है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों का दायित्व है कि वे सदन की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

अनिल फिरोजिया ने विपक्ष पर साधा निशाना

अनिल फिरोजिया ने कहा कि नीट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर केंद्र सरकार विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए हर सवाल का जवाब देने और सभी पक्षों के सुझाव सुनने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बावजूद विपक्ष संसद के भीतर चर्चा करने के बजाय बाहर राजनीतिक बयानबाजी कर छात्रों और देश की जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

"सीएए और आर्टिकल 370 पर भी विपक्ष ने इसी तरह का रवैया अपनाया था"

सांसद अनिल फिरोजिया ने आरोप लगाया कि सीएए, अनुच्छेद-370 सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी विपक्ष ने इसी तरह का रवैया अपनाया था। उन्होंने कहा कि असहमति व्यक्त करने का सबसे उपयुक्त और लोकतांत्रिक मंच संसद है, न कि नारेबाजी या व्यवधान। यदि विपक्ष के पास कोई सुझाव या आपत्ति है तो उसे सदन के भीतर तथ्यों और तर्कों के साथ रखना चाहिए।

देश की जनता चाहती है कि संसद सुचारु रूप से चले- अनिल फिरोजिया

सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद सुचारु रूप से चले, जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा हो और राष्ट्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय समय पर लिए जाएं। संसद का प्रत्येक क्षण करोड़ों नागरिकों की अपेक्षाओं से जुड़ा होता है, इसलिए उसका सदुपयोग होना चाहिए।

अंत में सांसद फिरोजिया ने सभी राजनीतिक दलों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संसद की कार्यवाही में रचनात्मक सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा, लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन और सकारात्मक संवाद ही भारत के मजबूत लोकतंत्र की पहचान है।

https://youtu.be/ZpzQBJgK5EE?si=jg7GeYDHBzA6TwkJ

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