शिवपुरी में जिंदा व्यक्ति ने किया खुद का मृत्युभोज (सोर्स- सोशल मीडिया) 
शिवपुरी

Shivpuri News: मेरे बाद कौन करेगा पिंडदान? खुद का किया मृत्युभोज, निमंत्रण पत्र में लिखी दुख भरी शायरी

MP News: शिवपुरी में 60 वर्षीय बुजुर्ग कल्याण पाल ने अकेलेपन के डर से जीवित रहते हुए ही अपना मृत्यु भोज दे दिया। प्रयागराज में कर्मकांड कराने के बाद आयोजित इस भोज में 7 हजार लोग शामिल हुए।

सजल रघुवंशी

Karera Alive Mrityu Bhoj: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद अनोखा और भावुक मामला सामने आया है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। आमतौर पर किसी व्यक्ति के निधन के बाद परिवार द्वारा मृत्यु भोज या भंडारे का आयोजन किया जाता है, लेकिन शिवपुरी के करैरा क्षेत्र स्थित हाजीनगर गांव में एक बुजुर्ग ने जीवित रहते हुए ही अपना मृत्यु भोज करा दिया।

इस अनोखे आयोजन में गांव समेत आसपास के कई इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम में करीब 7 हजार लोगों ने शामिल होकर भोजन किया।

60 साल के कल्याण पाल ने क्यों उठाया ऐसा कदम?

हाजीनगर गांव निवासी 60 वर्षीय कल्याण पाल अपने माता-पिता के इकलौते बेटे हैं। उन्होंने पूरी जिंदगी विवाह नहीं किया और अकेले ही जीवन बिताया। अविवाहित होने की वजह से उन्हें लंबे समय से इस बात की चिंता सताती रही कि उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार कौन करेगा। कल्याण पाल को यह भी चिंता थी कि उनके जाने के बाद हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार कर्मकांड, पिंडदान और मृत्यु भोज जैसी रस्में कौन निभाएगा। इसी अकेलेपन और भविष्य की चिंता ने उन्हें ऐसा फैसला लेने पर मजबूर कर दिया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है।

प्रयागराज में विधि-विधान के साथ करवाया कर्मकांड

कल्याण पाल ने अपने इस फैसले को पूरा करने के लिए पूरी तैयारी की। आयोजन से दो दिन पहले वे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज पहुंचे, जहां त्रिवेणी संगम पर उन्होंने अपने ही नाम से विधि-विधान के साथ वे सभी कर्मकांड और पूजन कराए, जो आमतौर पर किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद किए जाते हैं। उन्होंने परंपरा के अनुसार गंगा स्नान भी किया और फिर वापस अपने गांव लौट आए। गांव पहुंचने के बाद 15 मई से उनके घर पर 24 घंटे का अखंड ‘सीताराम रामधुन पाठ’ शुरू कराया गया, जिससे पूरे गांव में धार्मिक माहौल बन गया।

सोशल मीडिया पर निमंत्रण कार्ड हुआ वायरल

इस अनोखे आयोजन से पहले कल्याण पाल ने लोगों को आमंत्रित करने के लिए विशेष निमंत्रण पत्र भी छपवाए थे। यह कार्ड सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कार्ड पर बड़े अक्षरों में लिखा था कि अपना अपने सामने अंतिम गंगा पूजन, भंडारा। इसके साथ छपी एक भावुक शायरी ने लोगों को काफी प्रभावित किया। शायरी में लिखा था कि मुझे तो अपनों ने लूटा, गैरों में कहां दम था, मेरी कश्ती वहां डूबी जहां पानी कम था।

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