प्रीतम लोधी (सोर्स- सोशल मीडिया) 
शिवपुरी

अपनी औकात में रहें SDOP... भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की पुलिस को खुली धमकी, बेटे के चक्कर में मचा बवाल

Shivpuri News: शिवपुरी से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का पुलिस अधिकारी को धमकी देने का वीडियो वायरल! बेटे पर कार्रवाई से नाराज विधायक ने एसडीओपी को 'औकात' में रहने की चेतावनी दी।

अक्षय साहू

BJP MLA Pritam Lodhi: अपने विवादित बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं। विधायक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे है जिसमें वो करैरा के एसडीओपी डॉ. आयुष जाखड़ को धमकी देते नजर आ रहे हैं। 

विधायक ने कहा कि एसडीओपी “अपनी औकात में रहें” और यह भी जोड़ा कि वह कानून और अपना “इतिहास” दोनों अच्छी तरह जानते हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है।

SDOP को क्यों धमकी दे रहे विधायक

यह पूरा विवाद उस घटना के बाद शुरू हुआ, जिसमें विधायक  प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी का नाम एक सड़क हादसे में सामने आया। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार थार गाड़ी से राहगीरों को टक्कर लगने के बाद पुलिस ने मामले में सख्ती दिखाई और दिनेश लोधी को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। विधायक का दावा है कि उन्होंने खुद थाना प्रभारी और एसपी को फोन कर बेटे पर केस दर्ज कराने के लिए कहा था। उन्होंने यह भी कहा कि बेटे का वाहन जब्त कराया गया और उसे जांच में सहयोग के लिए थाने भेजा गया।

हालांकि, विधायक का आरोप है कि एसडीओपी ने उनके बेटे को करैरा क्षेत्र में दोबारा न आने की चेतावनी दी, जिसे उन्होंने पूरी तरह अनुचित बताया। इसी मुद्दे पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वीडियो जारी किया। इसके बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें विधायक ने पुलिस को 15 दिन की खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के खिलाफ कार्रवाई के लिए “दिल्ली से फोन” आ रहे हैं और पूछा कि क्या ये कॉल नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से हैं।

चुनिंदा मामलों में ही सख्ती का आरोप

विधायक यहीं नहीं रुके। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस चुनिंदा मामलों में ही सख्ती दिखाती है और कई मामलों में पैसे लेकर कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे मामलों की सूची तैयार कर रहे हैं और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करवाएंगे। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वे हजारों लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।

बता दें कि 16 अप्रैल को करैरा में हुए इस हादसे के बाद से मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। शुरुआत में विधायक ने निष्पक्षता और कानून के पालन की बात कही थी, लेकिन अब उन्होंने अपने बेटे का खुलकर बचाव करते हुए पुलिस अधिकारियों पर सीधे आरोप लगाए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और राजनीति के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है और मामले ने व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है।

5 राज्यों के चुनाव में BJP को ₹1,473 करोड़ का चंदा, कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा; जानें कहां कितना किया खर्च

गांधीनगर में बड़ा हादसा, स्लैब गिरने से मचा हड़कंप, मलबे में दबे 10 लोग; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Chidambaram vs PM Modi: दिमागी नक्सल कहे जाने पर चिदंबरम ने क्यों जताई खुशी? नाराज फूफा पर भी किया पलटवार

रांची में बड़ा हादसा, भरभराकर गिरी जर्जर पानी टंकी, मलबे में दबे कई मजदूर; एक की मौत

INDIA गठबंधन की तरह विजय ने बनाया सेक्युलर सोशल जस्टिस विक्ट्री अलायंस, TVK समेत 4 पार्टियां हुईं शामिल