'करेरा तुम्हारे डैडी की जागीर नहीं', SDOP की हिदायत पर आया BJP विधायक प्रीतम लोधी का बयान; पुलिस को दी चेतावनी

Dinesh Lodhi Thar Accident: भाजपा विधायक प्रीतम लोधी की पुलिस को खुली चुनौती। बेटे के एक्सीडेंट मामले में बोले- करेरा किसी के डैडी की जागीर नहीं, सियासी गलियारों में मचा हड़कंप।
Pritam Lodhi Bjp Mla Pichhore Son Dinesh Lodhi Thar Accident Case Karera Police Dispute
Published on
Updated on

Pritam Lodhi Controversial Statement: मध्य प्रदेश के पिछोर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने कुछ दिनों पहले अपनी थार गांड़ी से करेरा में पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। यह मामला अभी थमा नहीं था की अब विधायक का एक विवादित बयान सामने आया है। दरअसल, प्रीतम लोधी ने पुलिस प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि करेर तुम्हारे डैडी की जागीर नहीं है।

बता दें कि बीते रोज विधायक के बेटे दिनेश लोधी को पुलिस ने पूछताछ और स्पॉट वेरिफिकेशन के लिए करेरा बुलाया था, जहां एसडीओपी आयुष जाखड़ ने दिनेश लोधी को करेरा में ना दिखने की हिदायत दी थी। जिसके बाद अब विधायक की प्रतिक्रिया सामने आई है।

पुलिस प्रशासन को विधायक की खुली चेतावनी

दरअसल, प्रीतम लोधी ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हुए साफ कहा कि करेरा किसी के डैडी की जागीर नहीं है। इसके अलावा उन्होंने यह भी ऐलान किया कि उनका बेटा करेरा से चुनाव लड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस चाहे तो उनके परिवार के बैकग्राउंड की जांच कर ले। अब विधायक के इस बयान की चर्चा पूरे प्रदेश में है।

विधायक पुत्र ने पांच लोगों को मारी थी टक्कर

बता दें कि पिछोर विधायक के छोटे बेटे दिनेश लोधी ने बीते 16 अप्रैल को अपनी थार गाड़ी से 5 लोगों को टक्कर मार दी थी। घटना की सूचना मिलते ही प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था कि मेरा बेटा या परिवार से पहले जनता सर्वोपरी है। घटना के दो दिन बाद जब करेरा एसडीओपी के सामने दिनेश की पूछताछ के लिए पेशी हुई तो ऐसा बताया जा रहा है कि आयुष जाखड़ ने दिनेश को चेतावनी दी कि अब करेरा में दिख मत जाना।

Dinesh Lodhi Spot Verification
Spot Verification

विधायक प्रीतम लोधी पर इतने केस दर्ज

यह बयान अब उस पुराने रिकॉर्ड की याद दिलाता है, जिसका उल्लेख विधायक प्रीतम लोधी स्वयं अपने चुनावी हलफनामे में कर चुके हैं। प्रीतम लोधी के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास (धारा 302 और 307) जैसी गंभीर धाराओं सहित करीब 28 धाराओं में कुल 9 मामले दर्ज बताए गए हैं। उन पर तीन हत्या के मामलों में आरोपी रहने के आरोप भी रहे हैं, और एक बार उन्हें जिला बदर भी किया जा चुका है। पुलिस के साथ उनका टकराव भी नया नहीं माना जाता। करीब दो दशक पहले ग्वालियर के हजीरा पुलिस चौकी में घुसकर पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप उन पर लगा था। इस मामले में उस समय के चौकी प्रभारी सुरेंद्र चौहान का नाम भी सामने आया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com