Sehore Bherunda Boat Tender Dispute: सीहोर जिले की भेरुन्दा जनपद पंचायत में नाव संचालन के टेंडर को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया और नियमों को दरकिनार कर कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज है और जनपद पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नाव टेंडर जारी करने से पहले न तो कोई सार्वजनिक विज्ञापन प्रकाशित किया गया और न ही जनपद पंचायत के सूचना पटल पर संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गई। इससे इच्छुक आवेदकों को प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर नहीं मिल सका।
मामले का केंद्र बाबरी घाट बताया जा रहा है। आरोप है कि यहां के नाव संचालन का टेंडर पुराने ठेकेदार को देने की तैयारी की गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि यदि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होती तो अन्य पात्र आवेदकों को भी आवेदन करने और प्रतिस्पर्धा में शामिल होने का मौका मिलता। स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकारी टेंडर प्रक्रिया का उद्देश्य राजस्व बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी व्यवस्था सुनिश्चित करना होता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
नाव संचालन से जुड़े इस विवाद के बीच बाबरी घाट की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। आरोप है कि घाट पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। यहां लाइफ जैकेट जैसी आवश्यक सुरक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं है और यात्रियों के बैठने के लिए प्रतीक्षालय की भी व्यवस्था नहीं की गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और बाढ़ के मौसम में नाव संचालन के दौरान सुरक्षा उपायों का विशेष महत्व होता है। ऐसे में आवश्यक सुविधाओं का अभाव किसी बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा सकता है।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता गोपाल शर्मा ने जनपद सीईओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रक्रिया को पारदर्शी नहीं बनाया गया तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
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वहीं, जब इस पूरे मामले को लेकर जनपद सीईओ संजय अग्रवाल से पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी चुप्पी के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। अब स्थानीय नागरिक जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।