राजवाड़ा पर कांग्रेस का धरना प्रदर्शन, नेताओं ने चुनाव आयोग के फैसले पर उठाए सवाल

Indore Congress Leaders on Election Commission's Decision: राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के विरोध में इंदौर में कांग्रेस ने राजवाडा पर प्रदर्शन किया।
Congress leaders and workers stage a protest at Rajwada in Indore against the rejection of Rajya Sabha candidate Meenakshi Natarajan's nomination
राजवाडा पर प्रदर्शन करते कांग्रेस के नेता (फोटो सोर्स -नवभारत )
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Indore Congress Protest: मध्यप्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने इंदौर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी और इंदौर जिला कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में राजवाड़ा पर धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।

चुनाव आयोग पर साधा कांग्रेस नेताओ ने निशाना

धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग द्वारा भाजपा की आपत्ति के आधार पर कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन निरस्त किए जाने के निर्णय की कड़ी आलोचना की। वक्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी मजबूती के साथ संघर्ष करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।

जनता के बीच मुद्दे को लेकर जाएगी कांग्रेस

कांग्रेस नेताओं ने कार्यकर्ताओं से इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।

धरने में मौजूद कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पूरी ताकत के साथ संघर्ष करेगी और इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी।

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लोकसभा में इंदौर में भी कांग्रेस प्रत्याशी हुए थे बीजेपी में शामिल

राज्यसभा चुनाव में सीट गवाने वाली कांग्रेस इससे पहले इंदौर के लोकसभा चुनाव में भी अपनी सीट खो चुकी है, इंदौर में चुनाव के दौरान के कांग्रेस के प्रत्याशी अक्षय कान्ति बम ने पार्टी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था, जिसके चलते इंदौर में कांग्रेस की उम्मीदवारी ख़त्म हो गयी थी। इसके बाद जीतू पटवारी के नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े हुए थे, जीतू पटवारी के गृह क्षेत्र में ही उनका उम्मीदवार बीजेपी में शामिल हो गया था।

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