महिला की शिकायत पर भड़क उठे राजस्व मंत्री (सोर्स- सोशल मीडिया)
सीहोर

जब MP के राजस्व मंत्री के सामने फरियाद लेकर पहुंची महिला, तो भड़क उठे मंत्री जी; बोले- पति को बंद करवा देंगे

MP Revenue Minister Statement: सीहोर में जनविश्वास पर सवाल, शराब दुकान की शिकायत लेकर पहुँची महिलाओं पर भड़के मंत्री करण सिंह वर्मा। पति को जेल में बंद कराने की दी धमकी।

विजेंद्र सिंह राणा, सजल रघुवंशी

HIGHLIGHTS:

  • सीहोर के महोड़िया गांव में जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान शराब ठेके को लेकर महिलाओं ने शिकायत की।

  • ग्रामीण महिलाओं ने शराब दुकान से विवाद और परिवारों पर पड़ रहे असर की बात उठाई।

  • शिकायत सुनने के दौरान राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा महिलाओं पर भड़क गए।

Minister Angry Over Woman Complain Sehore: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के महोड़िया गाँव में आयोजित 'जनविश्वास कार्यक्रम' के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। गाँव में संचालित शराब ठेके से परेशान होकर जब स्थानीय महिला ग्रामीण अपनी फरियाद लेकर कार्यक्रम में पहुँचीं, तो उन्हें राहत मिलने की जगह राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के भारी गुस्से और तीखे रवैये का सामना करना पड़ा

​महोड़िया गाँव में आयोजित जनविश्वास कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के साथ जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इसी दौरान गाँव की महिलाएं शराब की दुकान से हो रही परेशानियों की शिकायत लेकर मंत्री जी के समक्ष पहुँचीं।

गांव में शराब ठेके के कारण बिगड़ रहा माहौल- फरियादी महिला

महिलाओं का कहना है कि गांव में संचालित शराब ठेके के कारण क्षेत्र का माहौल लगातार बिगड़ रहा है, आए दिन विवाद होते हैं और कई परिवार आर्थिक तथा सामाजिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं। महिलाओं ने मंत्री करण सिंह वर्मा से गांव हित में शराब की दुकान को तत्काल प्रभाव से बंद कराने या हटवाने की गुहार लगाई

​राहत के बजाय मिली पति को थाने में बंद कराने की धमकी

​ग्रामीण महिलाओं को उम्मीद थी कि अधिकारियों की मौजूदगी में मंत्री जी उनकी समस्या का समाधान करेंगे, लेकिन इसके विपरीत मध्य प्रदेश राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा उलटा महिलाओं पर ही भड़क उठे। शराब ठेका हटाने का आश्वासन देने के बजाय मंत्री महोदय ने नाराजगी जताते हुए फरियाद लेकर आई महिला ग्रामीण को उसके पति को ही थाने (जेल) में बंद करवाने की सीधी धमकी दे डाली। इस दौरान मंच और आसपास मौजूद सभी जिले के वरिष्ठ अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।

किसी भी अधिकारी ने नहीं किया हस्तक्षेप

किसी भी अधिकारी ने हस्तक्षेप करने या स्थिति को संभालने की कोशिश नहीं की। मंत्री जी के इस रवैये के बाद पीड़ित महिलाएँ निराश और आक्रोशित होकर लौट गईं। घटना का यह वाकया अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जनप्रतिनिधि के इस व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं।

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