Satna Leopard Death Railway Track: सतना जिले के उचेहरा वन परिक्षेत्र अंतर्गत सतना-उचेहरा रेलखंड पर तिघरा फाटक के पास रविवार सुबह एक तेंदुए का शव मिला। यह घटना करीब साढ़े नौ बजे सामने आई, जब स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पर तेंदुए को मृत अवस्था में देखा और तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई। उचेहरा रेंजर सचिन नामदेव के नेतृत्व में अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति का निरीक्षण किया। इसके बाद सतना वन मंडल के वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वायड और मुकुंदपुर टाइगर सफारी की टीम को भी जांच में शामिल किया गया। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि तेंदुआ रेलवे ट्रैक पार करते समय किसी अज्ञात ट्रेन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
वन विभाग द्वारा अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है। तेंदुए के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश के सतना वन मंडल में रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आकर वन्यजीवों की मौत की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 2016 में मझगवां रेंज में एक बाघ और फिर 2025 में एक शावक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। मौजूदा मामले में तेंदुए की मौत भी रेलवे पटरी पार करने के दौरान हुई है। इस घटना ने एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
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तेंदुए की मौत की खबर सोशल मीडिया पर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। जिज्ञासावश बड़ी संख्या में लोग तेंदुए को नजदीक से देखने पहुंच गए। हालांकि वन विभाग का अमला लगातार लोगों को वहां से हटने और वापस जाने की समझाइश दे रहा है।