Sagar Liquor Case : सागर के जहरीली शराब मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल बताए जा रहे शराब ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह ठाकुर की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। उसकी तलाश में उत्तर प्रदेश और गुजरात तक पुलिस टीमें भेजी गई हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मनीष लोधी की आखिरी लोकेशन चित्रकूट में मिली थी। इसके बाद पुलिस उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर संभावित ठिकानों की जानकारी जुटा रही है। इन जानकारियों के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस की टीमें सतना और चित्रकूट के अलावा झांसी और ललितपुर में भी संभावित ठिकानों पर तलाश कर चुकी हैं।
सागर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में ऐसी जानकारी सामने आई है कि कथित नकली शराब की खेप तैयार करवाने के बाद मनीष लोधी बिहार चला गया था। पुलिस के अनुसार, बिहार से लौटते समय सतना में उसे शराब पीने से लोगों की मौत की जानकारी मिली। पुलिस का दावा है कि यह सूचना मिलने के बाद वह वहीं से फरार हो गया।
पुलिस को कुछ समय पहले मनीष लोधी के शाहगढ़ क्षेत्र के जंगलों में छिपे होने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां भी तलाश की, लेकिन आरोपी नहीं मिला। फिलहाल गुजरात में भी उसकी संभावित मौजूदगी को लेकर पुलिस की एक टीम जांच कर रही है।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने इनाम की राशि भी बढ़ा दी है। पहले मनीष लोधी पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था, जिसे अब बढ़ाकर 30 हजार रुपए कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस के अनुसार सागर शराबकांड की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक 30 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया जा चुका है, जिनमें से 18 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ शराब तैयार करने, सप्लाई करने और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मनीष लोधी की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी अन्य जानकारियां सामने आ सकती हैं।