

Sagar Liquor Case 33 Accused : सागर के बंडा जहरीली शराबकांड की जांच में पुलिस ने अब तक 33 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें 19 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि एक की मौत हो चुकी है और एक आरोपी अस्पताल में भर्ती है। वहीं मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा समेत 12 आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस की जांच शराब तैयार करने से लेकर उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने वाले कथित नेटवर्क पर केंद्रित है।
पुलिस के अनुसार रवि लखेरा अवैध शराब तैयार करने और उससे जुड़ी सामग्री की जानकारी रखने वाला प्रमुख आरोपी है। उसके खिलाफ मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग थानों में करीब 25 मामले दर्ज बताए गए हैं। वहीं बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह पर लाइसेंसी कारोबार की आड़ में कथित रूप से नकली शराब तैयार कराने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सागर पुलिस के मुताबिक 2 सितंबर को ततरवारा में चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू के मक्के के खेत में कथित तौर पर अवैध शराब तैयार की गई थी। आरोप है कि रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब बनाने से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद चंद्रभान, शिवांजय और मनीष ने मिलकर करीब 50 पेटी शराब तैयार की। पुलिस का दावा है कि इस शराब को ‘सागर गोल्ड’ के नाम से आसपास के गांवों में सप्लाई किया गया।
पुलिस जांच में शिवांजय राजपूत को कथित सप्लाई नेटवर्क की अहम कड़ी बताया गया है। पुलिस के अनुसार शराब तैयार होने के बाद उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने में उसकी भूमिका थी। शिवांजय को पुलिस पहले ही शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर चुकी है। अब उससे पूछताछ के जरिए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
जांच एजेंसियों के अनुसार शराब पीने के बाद लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि करीब 25 पेटी शराब खेत में जला दी गई, जबकि शराब बनाने में इस्तेमाल सामग्री को नाले में बहाने का प्रयास किया गया। फिलहाल सागर पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ पूरे कथित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।