Highlights:
सागर में NH-44 के पास बरकोटी के जंगल में मिला घायल बाघ।
बाघ को चलने में हो रही दिक्कत।
वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से बुलाई गई रेस्क्यू टीम।
Sagar Injured Tiger Resque : सागर में नेशनल हाईवे-44 पर गुरुचौपड़ा के पास बरकोटी के जंगल में एक घायल बाघ मिलने से इलाके में हलचल मच गई। बाघ सड़क किनारे बैठा था और ठीक से चल नहीं पा रहा था। उसके पैरों में चोट होने की आशंका है। बाघ को देखने के लिए ग्रामीणों और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसकी स्थिति का जायजा लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सड़क किनारे बाघ को बैठा देखकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर वहां पहुंचने लगे। लोगों की संख्या बढ़ने पर बाघ पत्थरों के पीछे जाकर छिप गया। कुछ देर बाद वह पेड़ की छांव में बैठा दिखाई दिया। बाघ की असहज स्थिति और ठीक से नहीं चल पाने के कारण उसके घायल होने की आशंका जताई जा रही है।
बाघ दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को दी। इसके बाद गौरझामर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने बाघ की स्थिति का निरीक्षण किया और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। बाघ को सुरक्षित पकड़ने के लिए वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व से विशेष रेस्क्यू टीम बुलाई गई है। वन विभाग की टीम उसे सुरक्षित रेस्क्यू करने के प्रयास में जुटी है।
सागर में घायल बाघ जिस जगह मिला है, उसके पास से नेशनल हाईवे-44 गुजरता है। इस इलाके में हाईवे के दोनों ओर जंगल हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सड़क पार करते समय बाघ किसी वाहन की चपेट में आ गया होगा। हालांकि, वन विभाग ने अभी तक उसकी चोटों की वजह की पुष्टि नहीं की है। रेस्क्यू के बाद उसकी स्थिति और चोटों के बारे में जानकारी सामने आ सकती है।
बरकोटी घाटी में गुरुचौपड़ा के पास दिसंबर 2024 में एक तेंदुआ भी वाहन की चपेट में आ गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अब इसी क्षेत्र में घायल बाघ मिलने से नेशनल हाईवे-44 पर वन्यजीवों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में है। जंगल से गुजरने वाले इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही के बीच वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं।