सागर मकरोनिया में प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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सागर में डिवाइडर बना विवाद की वजह! मकरोनिया में सैकड़ों लोगों ने किया चक्काजाम; सड़क पर थमा ट्रैफिक

Makronia Road Protest: सागर के मकरोनिया में बंडा रोड पर डिवाइडर निर्माण के विरोध में उग्र प्रदर्शन, कट बंद होने से गुस्साए लोगों ने किया चक्काजाम, नगर पालिका के आश्वासन के बाद खुला रास्ता।

सजल रघुवंशी

Sagar Makronia Divider Issue: सागर के मकरोनिया में बंडा रोड पर बन रहे रोड डिवाइडर को लेकर मंगलवार शाम बड़ा हंगामा देखने को मिला। डिवाइडर में कट बंद किए जाने के विरोध में सैकड़ों स्थानीय लोग होटल पंचवटी के पास सड़क पर उतर आए और सागर-बंडा मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते कुछ ही मिनटों में दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस और नगर पालिका प्रशासन ने समझाइश देकर प्रदर्शन समाप्त कराया।

शाम करीब चार बजे शुरू हुए प्रदर्शन में नेहा नगर और आसपास के क्षेत्रों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की और डिवाइडर निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। जाम बढ़ता देख पुलिस ने ट्रैफिक को मकरोनिया की ओर से बटालियन मार्ग की तरफ डायवर्ट किया, लेकिन इसके बावजूद सैकड़ों वाहन काफी देर तक फंसे रहे।

बिना उचित योजना के किया जा रहा डिवाइडर का निर्माण- स्थानीय लोग

स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिवाइडर का निर्माण बिना उचित योजना के किया जा रहा है। उनका कहना है कि भविष्य में इसी मार्ग पर फ्लाईओवर बनना प्रस्तावित है, ऐसे में अभी डिवाइडर बनाना सरकारी धन की बर्बादी है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्य के लिए आवश्यक एनएचएआई की अनुमति भी नहीं ली गई और जल्दबाजी में निर्माण कराया जा रहा है।

डिवाइडर के कारण बंद हो सकते हैं कई महत्वपूर्ण कट

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डिवाइडर के कारण कई महत्वपूर्ण कट बंद हो जाएंगे। इससे क्षेत्र के तीन बड़े स्कूलों की बसों, अस्पताल आने-जाने वाली एंबुलेंस और आम नागरिकों को लंबा चक्कर लगाना पड़ेगा। लोगों का दावा है कि कई वाहन मजबूरी में रॉन्ग साइड चलेंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाएगा। साथ ही सड़क संकरी होने से ओवरटेकिंग भी मुश्किल होगी।

मौके पर पहुंचे नगर पालिका अधिकारियों ने लोगों से चर्चा की और फिलहाल निर्माण कार्य रुकवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ और यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। अब लोगों की मांग है कि जिला प्रशासन स्थानीय नागरिकों की राय लेकर ही आगे का निर्णय ले, ताकि विकास कार्यों के साथ जनता की सुविधा और सड़क सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

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