सागर में ईद मिलादुन्नबी जुलूस के दौरान पेपर गन से उड़ाए गए कागजों पर विवाद  (सोर्स- सोशल मीडिया)
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सागर: ईद मिलादुन्नबी जुलूस में देवी-देवताओं के चित्रों को लेकर विवाद, पुलिस ने दर्ज किया केस

Eid Miladunnabi Sagar: सागर के बंडा में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान पेपर गन से उड़ाए गए कागजों पर विवाद, हिंदू देवी-देवताओं के आपत्तिजनक चित्रों के आरोप पर बजरंग दल की शिकायत पर FIR।

सरजू पटेल, सजल रघुवंशी

Sagar Eid Miladunnabi Procession Controversy: सागर के बंडा में ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान कथित आपत्तिजनक चित्रों को लेकर विवाद सामने आया है। आरोप है कि जुलूस के दौरान हिंदू देवी-देवताओं के चित्रों को विरूपित कर इलेक्ट्रॉनिक पेपर गन के जरिए उड़ाया गया। शिकायत सामने आने के बाद बंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मुस्लिम समाज और जुलूस आयोजन समिति ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

दरअसल, बुधवार को ईद मिलाद-उन-नबी के अवसर पर बंडा में जुलूस निकाला गया था। जुलूस संजय कॉलोनी स्थित मस्जिद से शुरू होकर नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए आगे बढ़ा। इसी दौरान कुछ कागज के टुकड़े इलेक्ट्रॉनिक पेपर गन से उड़ाए जाने की बात सामने आई। इन कागजों पर हिंदू देवी-देवताओं के कथित विरूपित चित्र होने का आरोप लगाया गया। मामले को लेकर बजरंग दल के जिला संयोजक सोनू सेन की शिकायत पर बंडा थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायत सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आने लगे।

मुस्लिम समाज ने सौंपा ज्ञापन

वहीं, मुस्लिम समाज और ईद मिलादुन्नबी आयोजन समिति के सदस्यों ने गुरुवार को बंडा एसडीओपी प्रदीप बाल्मीकि को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। समाज की ओर से कहा गया कि सोशल मीडिया पर सामने आए आरोपों और जुलूस के दौरान इस्तेमाल की गई सामग्री की वास्तविकता की जांच की जाए। ज्ञापन में सामग्री की खरीद, उसके स्रोत, भुगतान और उसे जुलूस तक पहुंचाने वाले लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। समाज ने पुलिस को सामग्री खरीद से संबंधित कुछ जानकारियां भी उपलब्ध कराई हैं।

पेपर गन से कागज उड़ाने का दावा

मुस्लिम समाज की ओर से दिए गए ज्ञापन में दावा किया गया है कि जुलूस में पेपर गन के माध्यम से केवल कागज के टुकड़े उड़ाए गए थे। समाज के अनुसार, इस्तेमाल की गई सामग्री चैतन्य हॉस्पिटल के पीछे स्थित एक दुकान से खरीदी गई थी। इसके लिए करीब 2 हजार 550 रुपए का भुगतान किए जाने की जानकारी भी दी गई है। समाज ने पुलिस से सामग्री खरीदने वाले लोगों और संबंधित दुकानदार की भूमिका की भी जांच करने की मांग की है। साथ ही यह भी कहा है कि यदि जांच में आयोजन समिति या किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर कानून का उल्लंघन किया जाना सामने आता है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं, यदि किसी अन्य व्यक्ति या दुकानदार की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

बंडा एसडीओपी प्रदीप बाल्मीकि ने बताया कि जुलूस के दौरान उड़ाए गए कथित आपत्तिजनक चित्रों को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके आधार पर मामला दर्ज कर जांच में लिया गया है। दूसरे पक्ष की ओर से भी आवेदन देकर मामले से संबंधित जानकारी पुलिस को दी गई है।पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जुलूस में इस्तेमाल सामग्री, उसके स्रोत और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सागर पुलिस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। संवेदनशील मामले को देखते हुए प्रशासन की नजर भी घटनाक्रम पर बनी हुई है।

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