Sagar BMC Patient Death Case: सागर स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) में भर्ती एक मरीज की मौत की बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक के परिजनों ने नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मामले को लेकर अस्पताल में भी चर्चा का माहौल बना हुआ है।
जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान 58 वर्षीय देवेंद्र पाठक निवासी इतवारी टौरी, सागर के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि देवेंद्र पाठक को गले में परेशानी होने के कारण 10 जून को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में भर्ती कराया गया था। यहां उनका उपचार चल रहा था और चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जांच की जा रही थी।
परिजनों का आरोप है कि 12 जून की शाम अस्पताल के स्टाफ ने बाहर से आर्टासिल (Artacil) इंजेक्शन मंगवाया था। उनका कहना है कि इंजेक्शन लगाने के दौरान नर्स ने कानों में ईयरफोन लगा रखे थे। आरोप है कि वही इंजेक्शन एक अन्य मरीज को भी लगाया गया था। परिजनों के मुताबिक इंजेक्शन लगने के तुरंत बाद दोनों मरीजों की हार्ट बीट और पल्स डाउन हो गई, जिससे अस्पताल में हड़कंप मच गया।
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल स्टाफ ने दोनों मरीजों को तत्काल उपचार दिया और करीब 15 से 20 मिनट तक सीपीआर दिया गया। परिजनों का कहना है कि सीपीआर के बाद मरीजों की सांसें तो वापस आ गईं, लेकिन देवेंद्र पाठक को होश नहीं आया। इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और लगातार निगरानी में उपचार जारी रखा गया।
परिजनों के अनुसार देवेंद्र पाठक करीब पांच से छह दिनों तक वेंटिलेटर पर भर्ती रहे। मंगलवार तड़के करीब दो बजे उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी। ऑक्सीजन लेवल और ब्लड प्रेशर लगातार गिरता गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन सुबह करीब साढ़े छह बजे उनकी मौत हो गई।
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मृतक के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने घटना के संबंध में तीन दिन पहले गोपालगंज थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं हुई। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।