Rewa Community Policing: रीवा रेंज में पुलिसिंग का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब लोगों को अपनी समस्याएं लेकर थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे, बल्कि पुलिस स्वयं गांवों, कस्बों और शहरों के मोहल्लों तक पहुंचकर उनकी शिकायतें सुन रही है।
पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत की पहल पर शुरू किया गया 'जन चौपाल' कार्यक्रम पुलिस और आमजन के बीच विश्वास मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। हर महीने के अंतिम मंगलवार को आयोजित होने वाले इस अभियान में पुलिस अधिकारी सीधे लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रहे हैं।
जन चौपाल का उद्देश्य केवल शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि पुलिस और समाज के बीच वर्षों से बनी दूरी को कम करना भी है। इस अभियान के तहत रीवा संभाग के सभी जिलों में थाना प्रभारी, पुलिस अधिकारी और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी गांवों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों से आमने-सामने चर्चा कर रहे हैं। जमीन विवाद, महिला सुरक्षा, साइबर ठगी, नशे का कारोबार और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों पर लोग खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। कई शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जबकि गंभीर मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
महज दो जन चौपालों में ही करीब 20 हजार से अधिक लोग इस पहल से सीधे जुड़ चुके हैं। लोगों ने पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिन पर अमल की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभियान के दौरान साइबर अपराध से बचाव, महिलाओं की सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव, अवैध कारोबार की सूचना देने और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना बिना किसी भय के दें, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
जन चौपाल के साथ ही आईजी गौरव राजपूत ने पूरे रीवा रेंज में 'प्रहार अभियान' भी शुरू किया है। इस अभियान के तहत अवैध शराब, मादक पदार्थों की तस्करी, नशीली गोलियों और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मानना है कि अधिकांश अपराधों की जड़ नशा है, इसलिए सख्त कार्रवाई के साथ जनजागरूकता को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है। जन चौपाल के माध्यम से लोगों से नशे के कारोबार की सूचना देने की अपील की जा रही है।
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रीवा रेंज की यह नई कार्यशैली केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के साथ सहभागिता पर आधारित पुलिसिंग का उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही है। जब पुलिस अधिकारी खुद चौपाल में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं, सुझाव लेते हैं और उन्हें अपनी कार्ययोजना का हिस्सा बनाते हैं, तो जनता का भरोसा स्वाभाविक रूप से बढ़ता है। 'जन चौपाल' और 'प्रहार अभियान' के माध्यम से रीवा रेंज पुलिस ऐसा मॉडल विकसित कर रही है, जिसमें अपराध नियंत्रण के साथ सामाजिक भागीदारी और जनविश्वास को समान महत्व दिया जा रहा है।
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