उज्जैन में गोल्ड शोरूम के खाते होल्ड करवाने वाले अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश; 3 आरोपी गिरफ्तार

Interstate Cyber Fraud Gang: उज्जैन में अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश; फर्जी लिंक भेजकर उड़ाते थे पैसे, बायनेंस और ज्वेलर्स शोरूम के जरिए करते थे लॉन्ड्रिंग, 3 गिरफ्तार।
Ujjain police arrested three accused involved in cyber crime network
साइबर फ्रॉड उज्जैन (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Ujjain Gold Showroom Cyber Fraud: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन की माधवनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों से साइबर ठगी कर उस रकम से उज्जैन के गोल्ड शोरूम से सोना खरीदते थे।

जिसके बाद शोरूम संचालकों के बैंक खाते होल्ड हो जाते थे। पकड़े गए आरोपी बायनेन्स एप के जरिए यूएसडीटी ट्रेडिंग और फर्जी लिंक के माध्यम से इस पूरे खेल को अंजाम दे रहे थे।

फर्जी लिंक भेजकर उड़ाते थे पैसे, सोने के सिक्कों में खपाते थे रकम

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों को मोबाइल अपडेट करने के नाम पर एक फर्जी लिंक भेजता था। जैसे ही पीड़ित उस लिंक पर क्लिक करता, उसका मोबाइल री-स्टार्ट हो जाता और इसी बीच उसके बैंक खाते से रकम पार कर दी जाती थी। ठगी की इस राशि को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी उज्जैन के बड़े ज्वेलर्स शोरूम पर जाते और वहां फर्जी नाम से क्यूआर कोड (QR Code) के माध्यम से भुगतान कर सोने के सिक्के (गोल्ड क्वाइन) खरीद लेते थे। बाद में इस सोने को बाजार में बेचकर कैश हासिल करते थे, ताकि ब्लैक मनी को व्हाइट किया जा सके।

ज्वेलर्स का खाता होल्ड होने पर खुला राज

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बीती 6 जून को अनुराग कहार नामक फर्जी नाम से एक युवक घास मंडी चौराहा स्थित डी.पी.के. गोल्ड शोरूम पहुंचा। वहां उसने करीब 95,000 रुपये के सोने के सिक्के खरीदे और भुगतान ऑनलाइन क्यूआर कोड से किया। भुगतान के कुछ समय बाद ही शोरूम का बैंक खाता होल्ड हो गया, क्योंकि वह पैसा ठगी का था और पीड़ित की शिकायत पर बैंक ने एक्शन लिया था। शोरूम प्रबंधन ने तुरंत इसकी सूचना माधवनगर थाने में दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।

होटल में दबिश देकर नर्मदापुरम के 3 आरोपी दबोचे

उज्जैन पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और एएसपी गुरुप्रसाद पाराशर, सीएसपी माधवनगर दीपिका शिंदे के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों को ट्रैक किया। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी सखीपुरा स्थित होटल हीरा पैलेस में ठहरे हुए हैं। पुलिस ने वहां दबिश देकर कशिश (29 वर्ष), राहुल उर्फ शानू (26 वर्ष) और अनिमेश उर्फ अनुराग उर्फ अन्नी (21 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। ये तीनों आरोपी मूल रूप से नर्मदापुरम के रहने वाले हैं।

राजस्थान, पंजाब और यूपी के लोग बने शिकार

पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह ने उज्जैन के 4 नामी ज्वेलर्स शोरूम को निशाना बनाया है। वहीं, इस ठगी के शिकार दूसरे राज्यों के लोग हुए हैं, जिनमें राजस्थान के नागौर के मो. नासिर से ₹2,88,630, पंजाब के सास नगर के सुरिंदर सिंह से ₹95,000 और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के मनोज कुमार से ₹99,000 की साइबर ठगी शामिल है। इन पीड़ितों की शिकायत पर ही उज्जैन के महावीर ज्वेलर्स, डी.पी.के. ज्वेलर्स और महेश्वरी ज्वेलर्स के खाते होल्ड हुए थे।

फर्जी आईडी और दस्तावेज बरामद, पुलिस रिमांड की तैयारी

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन, फर्जी आईडी कार्ड, सोना खरीदने के बिल और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत केस में इजाफा किया है। पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और देशव्यापी नेटवर्क का खुलासा हो सके।

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