एक साथ उठीं 4 अर्थियां (फोटो सोर्स- नवभारत) 
राजगढ़

राजगढ़ के भियापुरा गांव में पसरा मातम: सड़क हादसे में उजड़ गया पूरा परिवार, एक साथ उठीं चार अर्थियां

four family members funeral : सीहोर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले राजगढ़ जिले के भियापुरा गांव के एक ही परिवार के चार सदस्यों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। पूरे गांव में मातम पसर गया।

प्रीतेश जैन

Rajgarh Family Funeral After Accident: सीहोर जिले के पास सोमवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने राजगढ़ जिले के भियापुरा गांव की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे में पांच लोगों की जान चली गई थी, जिनमें एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल थे। मंगलवार को जब चारों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया तो पूरा गांव गम में डूब गया। एक साथ चार अर्थियां उठते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया और अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

हादसे में पिता, पुत्र और दो चचेरे भाइयों की मौत हुई थी। मंगलवार सुबह चारों के पार्थिव शरीर गांव पहुंचे तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर किसी की जुबान पर यही सवाल था कि आखिर एक ही पल में पूरा परिवार कैसे उजड़ गया। गांव के लोगों ने नम आंखों से चारों को अंतिम विदाई दी।

एक ही चिता पर किया गया अंतिम संस्कार

परिवार की इच्छा और स्थानीय परंपरा के अनुसार चारों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। जब एक साथ चार शवों को चिता पर रखा गया तो वहां मौजूद लोगों की आंखें छलक उठीं। अंतिम संस्कार के दौरान पूरा माहौल बेहद भावुक हो गया और हर कोई मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता नजर आया।

गांव के किसी घर में नहीं जला चूल्हा

इस हृदयविदारक घटना का असर पूरे भियापुरा गांव में देखने को मिला। शोक के चलते अंतिम संस्कार पूरा होने तक गांव के किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला। ग्रामीणों ने मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरे दिन अन्न ग्रहण नहीं किया। गांव में बाजार भी सूने नजर आए और लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते दिखाई दिए।

हादसे में कुल 5 लोगों की हुई थी मौत

बताया जा रहा है कि सोमवार को सीहोर जिले के पास हुए सड़क हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई थी। इनमें चार मृतक राजगढ़ जिले के भियापुरा गांव के एक ही परिवार से थे। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि भियापुरा के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जब एक ही परिवार के चार सदस्यों की अर्थियां एक साथ उठीं और पूरे गांव ने एक साथ अपने लोगों को अंतिम विदाई दी।

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