मध्य प्रदेश के 11 जिलों में आज गरज-चमक के साथ हल्की बारिश का येलो अलर्ट जारी।
सीधी, सिंगरौली, जबलपुर, मंडला समेत 11 जिलों में 30–40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और वज्रपात की आशंका।
मौसम विभाग के अनुसार, 29 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में बारिश होने की संभावना है।
भोपाल में आज आसमान साफ रहने का अनुमान, शाम और रात में गुलाबी ठंड का एहसास बढ़ सकता है।
Madhya Pradesh Weather Update Today: मध्य प्रदेश में 27 अक्टूबर 2026 से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 11 जिलों में आज गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
इस दौरान वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 29 अक्टूबर को प्रदेशभर में बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को मौसम के बदलते मिजाज के बीच सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में आज मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम का बदला हुआ रुख जारी रह सकता है। 29 अक्टूबर को प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ जिलों में आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। हालांकि, किस जिले में कितनी बारिश होगी, इसका आकलन ताजा मौसम बुलेटिन के आधार पर करना जरूरी होगा। विभाग ने लोगों से आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।
राजधानी भोपाल में मंगलवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। यहां आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। दिन में तापमान बढ़ने से हल्की गर्मी महसूस हो सकती है, जबकि शाम होते ही पारा गिरने से राहत मिलेगी। रात के समय गुलाबी ठंड का एहसास बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में तापमान में लगातार गिरावट होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान उज्जैन में 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान पचमढ़ी में 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इस साल मध्य प्रदेश में मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इस दौरान कुछ जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ, जबकि कई जिले औसत वर्षा के आंकड़े तक नहीं पहुंच सके। अक्टूबर में गर्मी, ठंड और बारिश का मिला-जुला असर बना रह सकता है।