Highlights :
एमपी के 11 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना।
मौसम विभाग ने नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, इंदौर, धार, बड़वानी और अलीराजपुर में येलो अलर्ट जारी किया।
मानसून की विदाई के बाद भी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश में बारिश का दौर जारी।
भोपाल में मौसम साफ रहेगा, दिन में तेज धूप और शाम को हल्की ठंड का अहसास हो सकता है।
प्रदेश में तेज हवाओं को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
MP Rain Alert : एमपी में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है। 22 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के 11 जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। प्रदेश में कहीं तेज धूप खिल रही है तो कहीं बारिश के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, इंदौर, धार, बड़वानी और अलीराजपुर जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार आज तेज हवाओं को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। प्रभावित जिलों के लोगों को मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजधानी भोपाल में गुरुवार को मौसम साफ रहने का अनुमान है। शहर में आंधी या बारिश की संभावना नहीं है। दिन के समय तेज धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है जिससे लोगों को गर्मी का अहसास होगा। हालांकि शाम होते ही तापमान में गिरावट आने लगेगी। इससे दिन की गर्मी से राहत मिलेगी और रात के समय गुलाबी ठंड का एहसास होने लगेगा।
मौसम के बदलते मिजाज के बीच आने वाले दिनों में तापमान में लगातार गिरावट दर्ज होने का अनुमान है। इससे सुबह और रात के समय ठंड का असर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने अक्टूबर महीने की शुरुआत में ही संकेत दिए थे कि इस दौरान प्रदेश में गर्मी, ठंड और बारिश का मिला-जुला ट्रेंड देखने को मिल सकता है।
पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस बैरसिया (भोपाल) में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस अमरकंटक (अनूपपुर) में रिकॉर्ड हुआ। तापमान के इन आंकड़ों से प्रदेश में दिन और रात के मौसम के बीच अंतर साफ दिखाई दे रहा है।
इस साल मध्य प्रदेश में मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा। हालांकि बारिश के मामले में प्रदेश के जिलों में अलग-अलग स्थिति देखने को मिली। कुछ जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि अधिकांश जिलों में पर्याप्त वर्षा नहीं हुई। मानसून की विदाई के बाद भी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में बारिश होने की संभावना बनी हुई है।