ग्वालियर कांड पर सियासी बवाल (फोटो- सोशल मीडिया) 
मध्य प्रदेश

'हिंदू राष्ट्र वाले अंबेडकर राष्ट्र बना रहे' भाजपा पर भड़के धर्म गुरु; विधि-विचार की लड़ाई सड़क पर आई

Madhya Pradesh का ग्वालियर शहर इस समय सियासी और सामाजिक गुस्से का केंद्र बना हुआ है। बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर जलाने की घटना ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। जिसको लेकर बवाल मचा हुआ है।

सौरभ शर्मा

MP Ambedkar Photo Burning Controversy: मध्य प्रदेश का ग्वालियर शहर इस समय सियासी और सामाजिक गुस्से का केंद्र बन गया है। बाबा साहब अंबेडकर की तस्वीर जलाने की घटना ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। जहां एक तरफ भीम आर्मी जैसे संगठन सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अब हिंदू धर्म गुरुओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। काली सेना के संस्थापक स्वामी आनंद स्वरूप ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि उन्हें लगा था ये हिंदू राष्ट्र बनाएंगे, लेकिन ये तो अंबेडकर राष्ट्र बनाने में जुट गए हैं।

इस पूरे मामले में हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा को फिलहाल अदालत से राहत नहीं मिली है और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई टल गई है। उधर, पुलिस की कार्रवाई से सवर्ण समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका मानना है कि पुलिस एकतरफा कार्रवाई कर रही है। लोगों का कहना है कि यह तस्वीर जलाने की घटना दरअसल क्रिया की प्रतिक्रिया है। अगर मनुस्मृति जलाने वालों पर समय रहते एक्शन लिया गया होता, तो आज यह नौबत नहीं आती। अब यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि एक बड़ी वैचारिक लड़ाई बन चुका है।

सरकार को दी खुली चेतावनी

स्वामी आनंद स्वरूप ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा अब एकात्म मानववाद छोड़कर अंबेडकरवाद की राह पर है और उसे अब हिंदुत्व को परिष्कृत करना होगा, वरना ये मंदिरों में नमाज पढ़वा देंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि तुमने जिस तरह एकतरफा कार्रवाई की है, सवर्ण समाज इस अपमान को नहीं भूलेगा और तुम्हें खून के आंसू रुलाएगा। उन्होंने अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि जेल जाना अपराध नहीं, बल्कि विचारों की परीक्षा होती है। उनके अनुसार, भाजपा का कथित हिंदू विरोधी चेहरा अब सबके सामने आ गया है।

एनएसए लगाने की उठी मांग

विवाद के दूसरे पक्ष की बात करें तो आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने ग्वालियर की घटना में शामिल आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए लगाने की अपील की है। आजाद ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि ऐसी घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए और मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि अगर दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे बाबा साहब के करोड़ों अनुयायियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचेगी और देश में सामाजिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा पैदा होगा।

INDIA Alliance Protest Live: गठबंधन के सांसदों का लंच खत्म, आगे जंतर-मंतर पर धरने की तैयारी

प्रदर्शन के दौरान पुलिस पहनेगी बॉडी कैमरा? दिल्ली HC के फैसले का मतलब समझें

PM Modi 25 Years of Seva Live: जनसेवा के 25 साल पूरे, सेवा संकल्प की ली शपथ, अमित शाह ने गिनाई उपलब्धियां

देवभूमि से बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद: PM मोदी के 25 साल के बेमिसाल सफर पर CM धामी ने की दीर्घायु होने की कामना

PM Modi 25 Years: गरीब कल्याण से इंफ्रास्ट्रक्चर तक, गुरुग्राम में अमित शाह ने गिनाईं 25 साल की उपलब्धियां