कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती व नरोत्तम मिश्रा (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मध्य प्रदेश

दतिया विधायक राजेंद्र भारती दोषी करार: 25 साल पुराने केस में कल होगा सजा का ऐलान, नरोत्तम मिश्रा खेमे में हलचल

Datia MLA Conviction News: मध्य प्रदेश की दतिया सीट से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में दोषी ठहराया। 2 साल से अधिक की सजा होती है, तो उनकी सदस्यता रद्द होगी।

आकाश मसने

MP Congress MLA Rajendra Bharti Case: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दतिया विधानसभा सीट से कांग्रेस के कद्दावर विधायक राजेंद्र भारती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दिल्ली की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें 25 साल पुराने एक गबन और भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद न केवल राजेंद्र भारती का राजनीतिक करियर दांव पर लग गया है, बल्कि कांग्रेस के लिए भी यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें गुरुवार को होने वाले सजा के ऐलान पर टिकी हैं।

क्या है 25 साल पुराना गबन का मामला?

यह पूरा विवाद वर्ष 1998 का है, जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी ग्रामीण विकास बैंक, दतिया के अध्यक्ष थे। आरोप है कि उनकी माता सावित्री श्याम ने 'श्याम सुंदर श्याम संस्थान' की अध्यक्ष के रूप में बैंक में 10 लाख रुपये की एफडी कराई थी। यह एफडी महज 3 साल के लिए 13.50% ब्याज दर पर की गई थी। जांच में सामने आया कि राजेंद्र भारती ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति के साथ मिलकर बैंक के लेजर बुक और एफडी रसीद में कूटरचना (फोर्जरी) की। इस जालसाजी के जरिए 3 साल की एफडी अवधि को बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया, ताकि उनकी संस्था को लंबे समय तक ऊंची ब्याज दर का लाभ मिलता रहे। इस षड्यंत्र से बैंक को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

अदालती कार्रवाई और गंभीर धाराएं

बैंक ऑडिट में इस गड़बड़ी के पकड़े जाने के बाद 2015 में परिवाद दर्ज हुआ था। विशेष न्यायालय ने राजेंद्र भारती के विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120-बी के तहत आरोप तय किए थे। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट ने भी की थी, अब कोर्ट ने उन्हें इन गंभीर धाराओं में दोषी पाया है। बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण को भी इस मामले में सह-आरोपी के रूप में दोषी ठहराया गया है।

विधायकी पर खतरा: क्या कहता है कानून?

सुप्रीम कोर्ट के 'लिली थॉमस' मामले के फैसले के अनुसार, यदि किसी मौजूदा सांसद या विधायक को 2 साल या उससे अधिक की जेल की सजा सुनाई जाती है, तो उनकी सदस्यता तत्काल प्रभाव से समाप्त हो जाती है। राजेंद्र भारती के मामले में जिन धाराओं में दोषसिद्धि हुई है, उनमें अधिकतम 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। यदि कल कोर्ट उन्हें 2 साल या उससे अधिक की सजा सुनाता है, तो राजेंद्र भारती को अपनी विधायकी गंवानी पड़ेगी।

नरोत्तम मिश्रा की वापसी के कयास

राजेंद्र भारती की सदस्यता जाने की स्थिति में दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना तय है। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने भाजपा के दिग्गज नेता और तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को पराजित किया था। यदि अब यहाँ उपचुनाव होते हैं, तो भाजपा अपने 'संकटमोचक' नरोत्तम मिश्रा को एक बार फिर मैदान में उतारकर उनकी विधानसभा में वापसी का रास्ता साफ कर सकती है।

फिलहाल, दतिया से लेकर भोपाल तक के राजनीतिक गलियारों में इस फैसले ने गर्माहट पैदा कर दी है। कल आने वाला सजा का फैसला तय करेगा कि मध्य प्रदेश की सत्ता का समीकरण दतिया में किस करवट बैठेगा।

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