MP Youth Congress Protest: मध्य प्रदेश में नवनिर्वाचित यूथ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के पदभार संभालते ही कार्यकर्ताओं का जोश उफान पर आ गया। 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जब राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ कूच किया तो सड़कें रणक्षेत्र बन गईं। पुलिस को भीड़ काबू करने के लिए कड़े कदम उठाने पड़े, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मामला काफी गरमा गया।
यह पूरा बवाल मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR में हुई कथित धांधली को लेकर था। यश घनघोरिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता गुरुवार को पार्टी कार्यालय पर जमा हुए थे। कार्यकर्ताओं में आक्रोश इतना ज्यादा था कि वे अचानक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय का घेराव करने के लिए निकल पड़े। हालांकि, पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद था और उसने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए व्यापमं चौराहे पर पहले से ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी, जहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का काफिला रुक गया।
जैसे ही कार्यकर्ताओं ने आगे बढ़ने की कोशिश की, वहां का नजारा बदल गया। व्यापमं चौराहे पर पुलिस और यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी कहासुनी शुरू हो गई जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। कार्यकर्ता हर हाल में आयोग के दफ्तर तक जाना चाहते थे, जबकि पुलिस उन्हें बैरिकेड्स पर ही रोकने के लिए जोर लगा रही थी। दोनों तरफ से काफी देर तक जोर-आजमाइश चलती रही। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी कर रहे थे और बैरिकेड्स पार करने की कोशिश में पुलिस से उलझते नजर आए।
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जब हालात काबू से बाहर होने लगे, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। पानी की तेज बौछारों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की धरपकड़ शुरू कर दी और गिरफ्तारियां कीं। यूथ कांग्रेस का कहना है कि यह प्रदर्शन कथित 'वोट चोरी' और एसआईआर में गड़बड़ी की तरफ चुनाव आयोग का ध्यान खींचने के लिए किया गया था। नए अध्यक्ष के आते ही हुए इस उग्र प्रदर्शन ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।