Pankaj Upadhyay Hunger Strike Likely To End: मुरैना की बंद पड़ी कैलारस सहकारी शक्कर मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग एक बड़े राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुकी थी। कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय 15 अगस्त से आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं। शुक्रवार को आंदोलन में नया मोड़ तब आया जब कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने फोन पर आंदोलनकारियों को संबोधित किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी कल यानी शुक्रवार को सभा के दौरान राहुल गांधी को किसानों से जोड़ा। राहुल गांधी ने आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि प्रदेश कांग्रेस एक लाख किसानों को एकजुट करने की तैयारी करे और जरूरत पड़ने पर वे स्वयं कैलारस आकर किसानों के आंदोलन में शामिल होंगे।
कैलारस शक्कर मिल के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी भी किसानों के समर्थन में उतर आई है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने विधायक पंकज उपाध्याय से फोन पर बात कर आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि शक्कर मिल को दोबारा शुरू कराने की लड़ाई किसानों और मजदूरों के हित में है तथा उन्हें उम्मीद है कि आंदोलन सफल होगा। इस दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि शक्कर मिल हजारों किसानों और मजदूरों की आजीविका का आधार है, इसलिए सरकार को सहकारी क्षेत्र में मिल संचालन के आदेश जारी करने चाहिए।
शुक्रवार को आंदोलन में शामिल होने के लिए हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से कैलारस पहुंचे। इसी दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया। कांग्रेस पार्षद मोहित शुक्ला ने आरोप लगाया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी किसानों के साथ अभद्र व्यवहार कर रहे थे। विवाद बढ़ने पर किसानों ने एमएस रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां खड़ी कर दीं और शक्कर मिल के बाहर सड़क पर बैठ गए। इससे सड़क पर लंबा जाम लग गया और करीब आधे घंटे से अधिक समय तक यातायात प्रभावित रहा।
आंदोलनकारियों ने पहले 22 अगस्त को मुरैना बंद और जिले के 775 गांवों में हड़ताल का आह्वान किया था। हालांकि शुक्रवार को मंच से घोषणा की गई कि सरकार ने किसानों की प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसके बाद मुरैना बंद को वापस लेने का फैसला किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि विधायक पंकज उपाध्याय का आमरण अनशन जल्द समाप्त कर दिया जाएगा। आंदोलन में विधायक दिनेश गुर्जर, देवेंद्र सखबार, पूर्व मंत्री लाखन सिंह यादव, पूर्व विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार, बैजनाथ कुशवाह समेत बड़ी संख्या में किसान, कांग्रेस नेता और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। कैलारस शक्कर मिल का मुद्दा अब प्रदेश की राजनीति में अहम विषय बन चुका है और आने वाले समय में इसके समाधान पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।