मुुरैना में खाद की समस्या को लेकर किसानों का अनोखा प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मुरैना

मुरैना: खाद समय पर न मिलने से नाराज किसान, सरकार को जगाने कृषि मंडी में मजीरा बजाकर गाई रामधुन

Morena Farmers Protest: मुरैना में खाद की किल्लत से परेशान किसानों का अनोखा प्रदर्शन, कृषि मंडी में घंटों लाइन में खड़े किसानों ने बजाया मजीरा और गाई रामधुन, राजस्थान से महंगी यूरिया खरीदने को मजबूर।

सजल रघुवंशी

Farmers Protest On Fertilizer Shortage Morena: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में खाद की कमी और वितरण में हो रही देरी से परेशान किसानों का अनोखा विरोध देखने को मिला। कृषि उपज मंडी स्थित खाद वितरण केंद्र पर घंटों कतार में खड़े किसानों ने सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाने के लिए मजीरा बजाकर रामधुन गाई।

किसानों का कहना है कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन का ध्यान उनकी समस्याओं की ओर आकर्षित करने के लिए किया गया है। उनका आरोप है कि खाद वितरण व्यवस्था अव्यवस्थित हो चुकी है और किसान अपनी खेती बचाने के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं।

घंटों कतार में खड़े रहे किसान, फिर शुरू हुआ अनोखा प्रदर्शन

जानकारी के अनुसार, मुरैना कृषि उपज मंडी परिसर स्थित खाद वितरण केंद्र पर सुबह से ही सैकड़ों किसान यूरिया लेने के लिए पहुंच गए थे। उमस भरी गर्मी के बीच किसान लंबे समय तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इंतजार से परेशान कुछ किसानों ने कतार में ही मजीरा बजाना शुरू कर दिया और रामधुन गाकर अपना विरोध दर्ज कराया। देखते ही देखते वहां मौजूद अन्य किसान भी ताली बजाते हुए इस विरोध में शामिल हो गए। कुछ देर के लिए पूरा परिसर रामधुन और तालियों की आवाज से गूंज उठा।

किसानों का आरोप- खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई

प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी यूरिया नहीं मिल पाती। ऐसे में किसानों को मजबूरी में पड़ोसी राज्य राजस्थान के धौलपुर जिले से अधिक कीमत पर यूरिया खरीदनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि खेती का समय निकलता जा रहा है, लेकिन समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों पर असर पड़ने की आशंका बढ़ रही है।

किसान बोले- यह विरोध राजनीति नहीं, हमारी मजबूरी है

किसान संजीव खेमरिया ने बताया कि किसान लगातार खाद के लिए परेशान है और घंटों कतार में लगने के बावजूद यह तय नहीं होता कि उसे यूरिया मिल ही जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी परेशानी को सरकार तक पहुंचाने के लिए किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से मजीरा बजाकर रामधुन गाई।

किसानों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि सरकार और प्रशासन को उनकी वास्तविक समस्याओं से अवगत कराना है, ताकि समय पर खाद उपलब्ध कराई जा सके और किसानों को राहत मिल सके।

https://youtu.be/rWC00MKTpGQ?si=S62NyKFcv8sW30aU

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