Morena Chambal News : मुरैना जिले की पोरसा तहसील के नगरा घाट पर रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब चंबल नदी की बीच धार में यात्रियों से भरे स्टीमर का इंजन अचानक बंद हो गया। स्टीमर में 150 से अधिक यात्री सवार बताए जा रहे थे, जिनमें बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल थे। इंजन बंद होते ही तेज बहाव के कारण स्टीमर नदी की धार में बहने लगा। कुछ ही देर में यात्रियों के बीच चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि स्टीमर बहते हुए भिंड जिले के कक्षपुरा घाट पर जाकर लग गया और सभी यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह नगरा घाट से यात्रियों को लेकर स्टीमर चंबल नदी में रवाना हुआ था। इसमें 150 से अधिक यात्री सवार थे। इनमें अधिकांश कांवड़िए बताए जा रहे हैं, जो चंबल नदी से कांवड़ लेकर उत्तर प्रदेश के बटेश्वर मंदिर में गंगाजल चढ़ाने के लिए जा रहे थे। स्टीमर को यूपी के केंजरा घाट की ओर जाना था।
स्टीमर जैसे ही चंबल नदी की बीच धार में पहुंचा, अचानक उसका इंजन बंद हो गया। इंजन बंद होने के बाद स्टीमर को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया और नदी के तेज बहाव ने उसे अपनी दिशा में बहाना शुरू कर दिया। यात्रियों को जैसे ही स्थिति का अंदाजा हुआ, स्टीमर पर अफरा-तफरी मच गई। लोग घबराकर मदद के लिए चीखने लगे।
बताया जा रहा है कि इंजन बंद होने के बाद स्टीमर करीब दो से ढाई घंटे तक चंबल की तेज धार में बहता रहा। स्टीमर नगरा घाट से लगातार दूर होता चला गया। इंजन बंद होने की वजह को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आ रही है। कुछ लोगों के मुताबिक डीजल खत्म होने से इंजन बंद हुआ, जबकि कुछ लोग इंजन के पंप में खराबी को इसकी वजह बता रहे हैं।
नगरा घाट पर मौजूद लोगों ने जब स्टीमर को नदी की धार में बहते हुए भिंड जिले के अटेर की ओर जाते देखा तो वहां भी हड़कंप मच गया। सुबह करीब साढ़े 10 बजे तक स्टीमर घाट से काफी दूर जा चुका था और नगरा घाट से दिखाई देना भी बंद हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन के साथ आपदा प्रबंधन की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया।
स्टीमर के काफी दूर तक बह जाने के बाद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी बीच राहत की खबर सामने आई कि स्टीमर बहते हुए भिंड जिले के कक्षपुरा घाट पर जा लगा है। वहां सवार सभी यात्रियों के सुरक्षित होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली। फिलहाल किसी यात्री के हताहत होने की सूचना नहीं है।
घटना के बाद स्टीमर संचालन को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बारिश के कारण चंबल नदी इन दिनों उफान पर है और नदी का बहाव काफी तेज है। इसी वजह से चंबल के घाटों पर संचालित होने वाले स्टीमर को बंद कराने के निर्देश उत्तर प्रदेश के बाह एसडीएम की ओर से दिए गए थे। इसके बावजूद नगरा घाट से स्टीमर का संचालन जारी था। अब नदी के बीच इंजन बंद होने और 150 से अधिक यात्रियों के तेज बहाव में बहने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।